घाटशिला.
घाटशिला प्रखंड कार्यालय में आधार कार्ड बनाने और अपडेट के लिए हर दिन काफी भीड़ लग रही है. यहां गर्मी और धूप से बचने के लिए लोग लाइन में पत्थर लगाकर और खुद छांव ढूंढ अपनी बारी आने तक इंतजार कर रहे हैं. हर दिन यह नजारा सहज रूप से देखने को मिल रहा है. लोग सुबह 5 बजे से ही लाइन में लगना शुरू कर देते हैं. कोई नाम और टाइटल में सुधार कराने आ रहे है, तो कोई बच्चों का नया आधार बनाने. प्रखंड के झाटीझरना, कालचिती, भदुआ, आसना पंचायत आदि से आये ग्रामीणों ने बताया कि वे दिन भर लाइन में लगे रहे, फिर भी उनका काम नहीं हुआ. क्योंकि रोजाना केवल 40 से अधिक आधार से संबंधित कार्य ही संभव हो पाते हैं. मालूम हो कि आधार बनवाने छोटे-छोटे बच्चों के साथ महिलाएं अपने घर से भोर चार बजे ही निकलती हैं और प्रखंड मुख्यालय पहुंचती हैं. 5 बजे सुबह पहले आओ, पहले नंबर पाओ की होड़ लगी रहती है.विधायक प्रतिनिधि पहुंच सुनीं समस्याएं
9जी 18- समस्या सुनते विधायक प्रतिनिधि व मुखियाइधर, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विधायक प्रतिनिधि जगदीश भकत और मुखिया प्रफुल्ल चंद्र हांसदा पहुंचे व ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं.उन्होंने आधार ऑपरेटर को सुझाव दिया कि जिन ग्रामीणों का कार्य नहीं हो सका है, उनके नाम और मोबाइल नंबर दर्ज किये जायें और उनके लिए एक अतिरिक्त दिन तय कर उन्हें बुलाकर कार्य संपन्न कराया जाये. उन्होंने कहा कि इस विषय को घाटशिला की बीडीओ के समक्ष रखा जायेगा. बच्चों के स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों में नामांकन की प्रक्रिया को देखते हुए आधार कार्य समय पर होना जरूरी है. ग्रामीणों द्वारा करीब 12 से 15 लोगों की एक सूची भी सौंप दी गयी है, ताकि उन्हें प्राथमिकता के आधार पर बुलाया जा सके.
नरसिंहगढ़ सीएचसी: गर्भवतियों के बैठने के लिए न तो पर्याप्त जगह है, न ही शेड बना है
धालभूमगढ़. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नरसिंहगढ़ में प्रत्येक माह की 9 तारीख को एएनसी जांच कराने आने वाली गर्भवतियों के लिए सुविधाओं का घोर अभाव है. महिलाओं को बैठने के लिए न, तो पर्याप्त जगह है, न ही शेड बना हुआ है. इसके कारण चिलचिलाती धूप में उन्हें बाहर लाइन में खड़े रहना पड़ता है. कई महिलाएं पेड़ की छांव खोजती फिरती हैं. बैठने के लिए बेंच नहीं रहने के कारण उन्हें जमीन पर या सीढ़ियों पर बैठना होता है. गर्भवती के लिए ज्यादा देर तक खड़े रहना भी दुखदाई होता है. इसके अलावा पेयजल की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं है. बुधवार को लगभग 140 गर्भवती की एएनसी जांच सीएचसी में हुई. जांच के लिए आई महिलाएं भीषण गर्मी में इधर-उधर छाया की तलाश करती रही. जबकि कई महिलाएं धूप में ही पंक्ति लगाकर जांच के लिए इंतजार को बाध्य थी.
योजना बनाकर जिला को भेजी गयी : चिकित्सा प्रभारी
इस संबंध में पूछे जाने पर चिकित्सा प्रभारी डॉ गोपीनाथ महाली ने बताया कि इस मामले का उन्होंने योगदान के बाद ही संज्ञान में लिया था व ओपीडी के सामने शेड, बैठने के लिए बेंच एवं पेयजल व्यवस्था के लिए योजना बनाकर जिला को भेजी गयी है. उन्होंने उम्मीद जतायी कि अगले माह की 9 तारीख के पहले गर्भवती महिलाओं के लिए पर्याप्त सुविधाएं तैयार हो जायेगी. जांच के लिए पंक्ति में खड़ी गर्भवती महिला अंकिता मुंडा, धारी मुर्मू, प्रिया लोहार आदि ने बताया कि वे सुबह 10 बजे से लाइन में लगी हुई हैं. जांच का काम भी धीरे चल रहा है. धूप होने के कारण काफी कठिनाई एवं परेशानी हो रही है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
