East Singhbhum: जादूगोड़ा की सड़कों पर दौड़ रहे ओवरलोड हाईवा, रोकने में प्रशासन नाकाम

East Singhbhum: जादूगोड़ा में इन दिनों पत्थर और बालू लदे हाईवा की रफ्तार का खौफ है. ओवरलोड हाईवा घड़ल्ले से सड़कों पर दौड़ रहे हैं और प्रशास मूक दर्शक बना हुआ है. लोगों ने कई बार इसकी शिकायत की है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है. पूरी रिपोर्ट नीचे पढ़ें...

रंजन
East Singhbhum: जादूगोड़ा क्षेत्र में इन दिनों ओवरलोड पत्थर और बालू लदे हाईवा बेखौफ सड़कों पर दौड़ रहे हैं, जिससे आम लोगों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है. प्रशासन की ओर से रोकथाम के लिए अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है. जानकारी के अनुसार गालूडीह बराज स्थित स्वर्णरेखा नदी के बाएं तट पर ऑफलक्स बंड और एंटी फ्लड स्लूइस गेट निर्माण का कार्य स्वर्णरेखा परियोजना के तहत कराया जा रहा है. इस कार्य को शिव शक्ति कंस्ट्रक्शन द्वारा किया जा रहा है, जिसमें हजारों टन पत्थर और बालू की खपत हो रही है. यह सामग्री हाता क्षेत्र की खदानों से बड़े-बड़े हाईवा के माध्यम से जादूगोड़ा दीगड़ी मोड़ चौक होते हुए गालूडीह बराज पुल पार कर कार्यस्थल तक पहुंचाई जा रही है.

कभी भी गिर सकता है गालूडीह बराज का पुल

हैरानी की बात यह है कि मुख्य मार्ग पर कहीं भी वाहन जांच नहीं की जा रही है. जबकि गालूडीह बराज पुल की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पहले ही भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया था. पुल के दोनों छोर पर बैरियर और चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं, जिसमें केवल हल्के वाहनों को ही चलने की अनुमति दी गई थी. बावजूद इसके पिछले करीब छह महीनों से रोजाना 30 से 40 टन वजन वाले हाईवा पुल से गुजर रहे हैं, जिससे कभी भी बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता.

प्रशासन है मौन

इस मामले को लेकर भाजपा जिला मंत्री रोहित सिंह परमार जल्द ही उपायुक्त से लिखित शिकायत करेंगे और अविलंब कार्रवाई की मांग की जाएगी. उन्होंने कहा कि नियमों की अनदेखी कर भारी वाहनों का परिचालन कराया जा रहा है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है. स्थानीय ग्रामीण बिक्रम सिंह, राहुल कुमार और प्रवीण सिंह ने बताया कि क्षेत्र में लगातार ओवरलोड पत्थर ढोने वाले वाहनों का आवागमन हो रहा है. कई बार सड़क पर बोल्डर गिरने से लोग घायल हो चुके हैं. उन्होंने कहा कि नो-एंट्री नियम का सख्ती से पालन कराया जाना चाहिए, लेकिन पोटका और मुसाबनी के प्रशासनिक अधिकारी इस पूरे मामले में चुप्पी साधे हुए हैं.

अंचल अधिकारी ने कार्रवाई का दिया भरोसा

मुसाबनी अंचलाधिकारी (CO) पवन कुमार से पूछने पर उन्होंने कहा कि जल्द ही सड़क पर उतरकर ओवरलोड वाहनों की जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि समय रहते ओवरलोड वाहनों पर रोक लगाई जाए, अन्यथा पुल की सुरक्षा के साथ-साथ आम लोगों की जान भी खतरे में पड़ सकती है.

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By AmleshNandan Sinha

अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.

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