East Singhbhum News : गुड़ाबांदा के ज्यादातर विभाग प्रभार में, विकास कार्य प्रभावित

ड़ाबांदा को प्रखंड का दर्जा मिलने के 15 साल बाद भी कई विभाग प्रभारी के भरोसे हैं. इससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं.

गुड़ाबांदा.

गुड़ाबांदा को प्रखंड का दर्जा मिलने के 15 साल बाद भी कई विभाग प्रभारी के भरोसे हैं. इससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं. प्रखंड में बीडीओ और सीओ को छोड़कर अन्य विभागों के पदाधिकारी प्रभार में हैं. वर्ष 2010 में धालभूमगढ़ प्रखंड की सिंहपुरा, फॉरेस्ट ब्लॉक, भालकी व गुड़ाबांदा पंचायत तथा बहरागोड़ा प्रखंड की बालीजुड़ी, आंगरपाड़ा, बनमाकड़ी व मुड़ाकाटी पंचायत को मिलाकर गुड़ाबांदा प्रखंड बना था. इस प्रखंड को कभी पूर्ण प्रखंड का दर्जा नहीं मिला. अधिकतर विभाग में पदाधिकारी नहीं हैं. धालभूमगढ़ और बहरागोड़ा प्रखंड के पदाधिकारियों को गुड़ाबांदा का प्रभार दे दिया जाता है.

इससे प्रखंड के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं. समस्याओं का निष्पादन समय पर नहीं होता है. प्रखंड में करीब 60 हजार की आबादी है. गुड़ाबांदा प्रखंड की आठ पंचायतों में चार पंचायत बहरागोड़ा व चार पंचायत घाटशिला विधान सभा के अधीन हैं. एक प्रखंड में दो-दो विधायक हैं, लेकिन गुड़ाबांदा का समुचित विकास नहीं हुआ.

प्रभार में चल रहे ये विभाग

गुड़ाबांदा ब्लॉक में फिलहाल बीडीओ का पद सृजित है. प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी, लेबर एंप्लॉयमेंट अधिकारी, ब्लॉक अनुपालन अधिकारी, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी, प्रखंड कृषि पदाधिकारी, महिला प्रसार पदाधिकारी, प्रखंड कल्याण पदाधिकारी व पशुपालन पदाधिकारी, सीडीपीओ जैसे महत्वपूर्ण पद का अबतक सृजन नहीं हो पाया है. उक्त विभाग प्रभार में चल रहे हैं.

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By AKASH

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