मुसाबनी. सुरदा माइंस के थ्री शॉफ्ट में सोमवार को ठेका कंपनी के मजदूरों ने अपनी मांगों को लेकर अचानक कार्य बहिष्कार कर दिया. सुबह की पाली में मजदूर हाजिरी बनाने के बाद काम पर नहीं गये, जिससे करीब साढ़े तीन घंटे तक खनन कार्य पूरी तरह ठप रहा. मजदूर मुख्य रूप से अर्जित अवकाश (इएल), कैजुअल लीव (सीएल) और सिक लीव (बीमारी की छुट्टी) के प्रावधानों को लागू करने की मांग कर रहे थे.
प्रबंधन ने की वार्ता, मजदूर बोले-सब्र का बांध टूटा:
कार्य बहिष्कार की सूचना मिलते ही ठेका कंपनी आरके अर्थ रिसोर्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रोजेक्ट हेड संजय साहू, एचआर अजीत यादव और पृथ्वी यादव मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने हड़ताली मजदूरों के साथ वार्ता की. मजदूरों ने आरोप लगाया कि प्रबंधन अब तक उनके कानूनी अधिकारों और छुट्टियों की मांग को अनसुना करता आ रहा है, जिसके कारण उनके सब्र का बांध टूट गया.
अड़ियल रवैये से उपजा था आक्रोश:
मजदूरों का कहना है कि वे केवल श्रम कानूनों के तहत मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं की मांग कर रहे हैं. उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस बार भी प्रबंधन ने अपने वादे पूरे नहीं किये, तो वे भविष्य में अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार के लिए विवश होंगे. फिलहाल खदान में कामकाज सामान्य रूप से शुरू हो गया है.
सभी मजदूरों को इएल का लाभ दिया जायेगा
वार्ता के दौरान प्रबंधन ने छुट्टियों के मामले को सुलझाने के लिए कुछ दिनों की मोहलत मांगी. प्रबंधन ने लिखित आश्वासन दिया कि इसी महीने से सभी पात्र मजदूरों को अर्जित अवकाश (इएल) का लाभ दिया जायेगा. इस आश्वासन के बाद मजदूर शांत हुए और सुबह करीब 10 बजे अपनी ड्यूटी पर लौटे.