जादूगोड़ा से रंजन कुमार गुप्ता की रिपोर्ट
East Singhbhum News: गर्मी की शुरुआत के साथ ही गांवों और शहरों में आम के अचार और मुरब्बे की मांग तेजी से बढ़ने लगी है. घर-घर में अचार बनाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं और बाजारों में कच्चे आम की खरीदारी बढ़ गई है. इसी बढ़ती मांग को पूरा करने में कलकापुर तेतला गांव निवासी चुनूं महाली अहम भूमिका निभा रहे हैं, जो अपनी मेहनत से लोगों तक ताजे आम पहुंचा रहे हैं
मेहनत से चल रहा कारोबार
पिछले करीब पांच सालों से चुनूं महाली कच्चे आम का कारोबार कर रहे हैं. वे रोज सुबह ताजे आम लेकर जादूगोड़ा और आसपास के बाजारों में पहुंचते हैं. उनकी खासियत यह है कि वे ग्राहकों की जरूरत के अनुसार मौके पर ही आम काटकर देते हैं. कटे हुए आम ₹30 में उपलब्ध कराते हैं, जबकि पूरा कच्चा आम ₹20 प्रति किलो की दर से बेचते हैं. ग्राहक जिस आकार और तरीके से आम चाहते हैं, चुनूं उसी अनुसार काटकर देते हैं.
ग्राहकों का भरोसा और नियमित मांग
गर्मी के मौसम में आम का अचार और मुरब्बा बनाने की परंपरा आज भी कायम है। कई परिवार सालभर के लिए अचार तैयार करते हैं, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं पारंपरिक मसालों के साथ स्वादिष्ट अचार बनाना पसंद करती हैं। वहीं, मीठा मुरब्बा भी लोगों की पसंद बना हुआ है. इसी कारण इन दिनों कच्चे आम की मांग में काफी बढ़ोतरी देखी जा रही है. चुनूं महाली बताते हैं कि उनके पास अधिकतर ग्राहक अचार और मुरब्बा बनाने के लिए ही आम खरीदने आते हैं. वे हमेशा ताजगी और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखते हैं, जिससे ग्राहकों का भरोसा बना रहता है. कई ग्राहक हर साल उन्हीं से आम खरीदते हैं.
ग्रामीण बाजारों में भी आम बेचते
वे जादूगोड़ा बाजार के अलावा आसपास के ग्रामीण हाटों में भी आम बेचते हैं. यूसीआईएल कॉलोनी में लगने वाले साप्ताहिक बाजार में गुरुवार और रविवार को उनकी दुकान लगती है, जबकि अन्य दिनों में वे पेड़ के नीचे बैठकर आम काटते-बेचते नजर आते हैं.
यह भी पढ़ें: झारखंड पुलिस में प्रमोशन पर ‘ब्रेक’: दारोगा से इंस्पेक्टर बनने की प्रक्रिया पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक
यह भी पढ़ें: सहायक आचार्य नियुक्ति पर झारखंड हाइकोर्ट का बड़ा फैसला, JSSC को सीट सुरक्षित रखने का आदेश
