East Singhbhum News : शीशाखून में बालू का अवैध भंडारण फिर शुरू, बंगाल भेजा जा रहा

चाकुलिया : प्रशासन की कार्रवाई बेअसर, बेखौफ बालू माफिया फिर से सक्रिय

चाकुलिया. चाकुलिया क्षेत्र में अवैध बालू खनन और परिवहन के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई का असर बालू माफियाओं पर नजर नहीं आ रहा है. जिस दिन कार्रवाई होती है, उसके अगले ही दिन से सफेद बालू का काला खेल फिर से शुरू हो जाता है. माफियाओं की इस बेखौफ कार्यशैली के कारण अब स्थानीय लोग भी प्रशासन की कार्यप्रणाली को संदेह की नजर से देखने लगे हैं. हाल ही में पश्चिम बंगाल और झारखंड की सीमा पर स्थित शीशाखून में माफियाओं द्वारा लगभग 3 से 4 हजार सीएफटी बालू का अवैध स्टॉक किया गया था. समाचार पत्रों में खबर प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद प्रशासन हरकत में आया और छापामारी कर बालू जब्त कर अंचल कार्यालय ले आया गया. लेकिन हैरानी की बात यह है कि इस कार्रवाई के महज दो दिन बीतते ही माफियाओं ने उसी स्थान के आसपास दोबारा बालू डंप करना शुरू कर दिया है.

सीमावर्ती क्षेत्र का फायदा उठा रहे माफिया:

बालू माफिया कानूनी दांव-पेंच और भौगोलिक स्थिति का बखूबी इस्तेमाल कर रहे हैं. वे झारखंड सीमा से सटाकर पश्चिम बंगाल के क्षेत्र में बालू गिरा रहे हैं, जिससे झारखंड प्रशासन को सीमा विवाद के कारण कार्रवाई करने में तकनीकी परेशानी हो रही है.

प्रतिदिन खपाया जा रहा 50 ट्रैक्टर बालू:

सूत्रों के अनुसार, चाकुलिया मुख्य सड़क से होते हुए प्रतिदिन 40 से 50 ट्रैक्टर बालू नामोपाड़ा के रास्ते केंदाडांगरी और चालुनिया होते हुए पश्चिम बंगाल के बाजारों में खपाया जा रहा है. इस अवैध धंधे में कई स्थानीय सिंडिकेट सक्रिय हैं. इस संबंध में पूछे जाने पर अंचल अधिकारी नवीन पुरती ने कहा कि बालू के अवैध स्टॉक और परिवहन की सूचना मिली है. मामले की गंभीरता से जांच की जायेगी और संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Atul pathak

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें
Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >