East Singhbhum News : गालूडीह में हुई कोजागरी लक्खी पूजा, बंटा भोग

शरद पूर्णिमा को कोजागरी पूर्णिमा कहा जाता है. इस दिन मां लक्खी अपने भक्तों पर बहुत जल्द प्रसन्न होती हैं.

गालूडीह.

शरद पूर्णिमा को कोजागरी पूर्णिमा कहा जाता है. इस दिन मां लक्खी अपने भक्तों पर बहुत जल्द प्रसन्न होती हैं. सोमवार की शाम से रात तक गालूडीह के आंचलिक मैदान, पुतड़ू, पायरागुड़ी सहित विभिन्न स्थानों पर मां लक्खी की विशेष रूप से पूजा-अर्चना की गयी. पूजा के बाद महाभोग का वितरण किया गया. इस अवसर पर मंदिरों और घरों को आकर्षक रोशनी से सजाया गया. मान्यता के अनुसार, कोजागरी पूर्णिमा के दिन मां लक्खी का अवतरण हुआ था. पुजारी मुरली मनोहर शर्मा ने बताया कि जो कोई कोजागरी लक्खी पूजा के दिन मां लक्खी को खीर का भोग लगाता है, उसे कभी आर्थिक संकटों का सामना नहीं करना पड़ता है. मां लक्खी उसकी हर मनोकामना पूरी करती हैं.

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By AKASH

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