East Singhbhum News : घाटशिला में 18 बार हुए चुनाव, भाजपा एक बार जीती

वर्ष 1952 से 2024 के बीच 2014 में मोदी लहर में लहरा सका भगवा

घाटशिला.

घाटशिला में साल 1952 से 2024 तक 18 बार विधान सभा चुनाव हुए हैं. इनमें मात्र एकबार वर्ष 2014 की मोदी लहर में भाजपा को सफलता मिली है. एसटी आरक्षित सीट से पहले भाजपा को प्रत्याशी ढूंढना पड़ता था, लेकिन अब दावेदारों की लंबी कतार लगी है. वर्ष 2014 में लक्ष्मण टुडू ने भगवा लहराया था. हालांकि, लक्ष्मण टुडू अब झामुमो में शामिल हो चुके हैं. 2024 में टिकट नहीं मिलने पर भाजपा छोड़ दिया था. झारखंड बनने के बाद अबतक छह बार घाटशिला में चुनाव हुए. हर बार भाजपा का वोट बढ़ता रहा है. घाटशिला विधायक रामदास सोरेन के निधन के बाद सीट खाली हुई है. यहां 11 नवंबर को उप चुनाव होना है.

भाजपा को वर्ष 2000 में सबसे कम व 2024 में सबसे अधिक वोट मिले

झारखंड बनने के बाद वर्ष 2000 के विस चुनाव में घाटशिला से भाजपा के प्रत्याशी बैजू मुर्मू थे. उन्हें 18760 मत मिले थे. इसके बाद हर चुनाव में भाजपा को वोट बढ़ता गया. वर्ष 2014 में भाजपा प्रत्याशी लक्ष्मण टुडू को 50,506 मत मिले थे. वहीं, वर्ष 2024 के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी बाबूलाल सोरेन को 75,910 मत मिले, जो अबतक का सबसे ज्यादा मत है.

भाजपा से चुनाव लड़ चुके कई नेता अब दूसरे दलों के साथ

घाटशिला से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुके कई नेता अब दूसरे दलों में हैं. इनमें बैजू मुर्मू वर्तमान में माझी परगना महाल के देश परगना हैं. रामदास हांसदा अब झामुमो में हैं. सूर्य सिंह बेसरा अब झारखंड पीपुल्स पार्टी में हैं. भाजपा के टिकट पर पहली बार जीत दर्ज कर भगवा लहराने वाले लक्ष्मण टुडू भी झामुमो में हैं. लखन मार्डी और बाबूलाल सोरेन भाजपा में हैं. वर्ष 2019 में लखन मार्डी भाजपा के टिकट से चुनाव लड़े थे. वे 56,807 मत लाकर हार गये थे. वहीं बाबूलाल सोरेन 2024 में चुनाव लड़े और 75,910 मत लाकर हार गये थे. दोनों फिलहाल भाजपा में हैं. इस बार भी बाबूलाल टिकट की दौड़ में आगे हैं.

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Published by: Akash

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