East Singhbhum News : 11 माह बाद भी नहीं मिली पीएम आवास की दूसरी किस्त

चाकुलिया : मौराबांधी गांव के एक दर्जन सबर लाभुकों को मिला है आवास का लाभ, दूसरी किस्त नहीं मिलने से काम ठप

चाकुलिया. पदाधिकारियों व कर्मचारियों की लापरवाही से आज भी सबर जनजाति के लोग अपने अधिकारों से वंचित हैं. इसका जीता जागता उदाहरण चाकुलिया की सरडीहा पंचायत के मौराबांधी गांव है. जहां पीएम जनमन आवास योजना से सबर जनजाति के लगभग एक दर्जन लाभुकों को आवास योजना का लाभ मिला. 11 माह पहली जनवरी 2025 में इन्हें आवास की पहली किस्त की राशि 30 हजार रुपये मिले. इसका काम भी किया गया. इसके बाद से 11 माह बीत गये. दूसरी किस्त की राशि अभी तक नहीं मिली है. काम बंद पड़ा है.

जर्जर आवास में रहने को विवश हैं सबर परिवार:

सबर जनजाति के लोग जर्जर आवास में रहने को विवश हैं. सुनील सबर ने बताया कि जनवरी में पहली किस्त के रूप में 30 हजार रुपये मिले थे. अब दूसरी किस्त की राशि मिलने का इंतजार है. मादुरी सबर, नियति सबर, भानु सबर, मनोज सबर, मीना सबर सबकी एक ही स्थिति है. सभी दूसरी किस्त की राशि मिलने के इंतजार में बैठे हैं.

ठेकेदार बना रहा है सबर पिता-पुत्र का मकान:

मौराबांधी गांव के सबर टोला में मधुसूदन सबर और सनातन सबर को पीएम जनमन योजना का लाभ मिला है. दोनों पिता-पुत्र हैं. दोनों का घर एक साथ बन रहा है. मधुसूदन सबर ने बताया कि गांव के ही एक गंगा नाम का व्यक्ति ठेकेदार है, जो उसका घर बना रहा है. विभाग ने गंगा को घर बनाने का आदेश दिया है. एक साल से घर का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है. चाकुलिया के आवास योजना में भारी लापरवाही की शिकायत मिल रही है. आमतौर पर पंचायत में विकास योजनाओं का संचालन पंचायत सचिव व रोजगार सेवक द्वारा किया जाता है. हाल के दिनों में प्रखंड कार्यालय में स्थिति यह बनी है कि आवास से संबंधित कार्यों से पंचायत सचिव व रोजगार सेवकों को दूर रखा जा रहा है.

पंचायत सचिव व रोजगार सेवक को जानकारी नहीं

मौराबांधी गांव में सबरों को जनमन योजना की दूसरी किस्त की राशि नहीं मिलने के बारे में पूछे जाने पर पंचायत सचिव ओंकार यादव व रोजगार सेवक जगमोहन साहू ने बताया कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है. आवास योजना के बारे में ब्लॉक कोऑर्डिनेटर व कंप्यूटर ऑपरेटर ही विस्तृत जानकारी दे पायेंगे. बीडीओ आरती मुंडा से पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि फंड नहीं रहने से लाभुकों को दूसरी किस्त की राशि नहीं भेजी गयी है. फंड मिलते ही सबरों के आवास निर्माण का कार्य शुरू किया जायेगा. ठेकेदार द्वारा आवास निर्माण के बारे में बताने पर उन्होंने कहा कि यह नियम के विरुद्ध है. लाभुकों के खाते में ही पैसे भेजने का प्रावधान है. उन्होंने बताया कि जनमन आवास योजना के तहत लाभुक को 2 लाख 30 हजार रुपये दिये जाते हैं.

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Published by: Atul pathak

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