East Singhbhum News : घाटशिला में किडनी मरीजों की डायलिसिस शुरू : रामदास

घाटशिला अनुमंडल के किडनी मरीजों की डायलिसिस शुरू हो गयी है. सोमवार को अनुमंडल अस्पताल में हंस रेनल केयर सेंटर (डायलिसिस उपचार केंद्र) का उद्घाटन मंत्री रामदास सोरेन ने किया.

घाटशिला.

घाटशिला अनुमंडल के किडनी मरीजों की डायलिसिस शुरू हो गयी है. सोमवार को अनुमंडल अस्पताल में हंस रेनल केयर सेंटर (डायलिसिस उपचार केंद्र) का उद्घाटन मंत्री रामदास सोरेन ने किया. यह केंद्र जिला स्वास्थ्य समिति और हंस फाउंडेशन के सहयोग से निःशुल्क चलेगा. मंत्री ने केंद्र में इलाजरत दो मरीजों से बात की. केंद्र की कार्यप्रणाली की जानकारी ली. मंत्री ने कहा कि घाटशिला अनुमंडल में डायलिसिस सेंटर की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी. पहले मरीजों को डायलिसिस के लिए सप्ताह में तीन बार जमशेदपुर जाना पड़ता था. इससे आर्थिक बोझ उठाना पड़ता था. इसे देखते हुए विधायक निधि से 5 लाख रुपये की राशि देकर केंद्र की नींव रखी. तकनीशियन की अनुपलब्धता के कारण कुछ देर जरूर हुई, लेकिन आज यह सेंटर पूरी तरह तैयार है. अनुभवी स्टाफ के साथ सेवा देने को तत्पर है. यह केंद्र पूर्णतः नि:शुल्क होगा.

गंभीर बीमारी से पीड़ितों को राज्य में इलाज की व्यवस्था हुई

श्री सोरेन ने बताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रयास से गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों के इलाज के लिए अपोलो हॉस्पिटल मैनेजमेंट के साथ समझौता हुआ है. अब राज्यवासियों को बाहर इलाज के लिए नहीं जाना पड़ेगा. इससे पहले हंस फाउंडेशन की ओर से मंत्री रामदास सोरेन, पूर्व विधायक लक्ष्मण टुडू, जिला परिषद की अध्यक्ष बारी मुर्मू और सिविल सर्जन डॉ साहिर पॉल को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया. मौके पर एसडीओ सुनील चंद्र, एसडीपीओ अजीत कुमार कुजूर, अनुमंडल अस्पताल के चिकित्सा प्रभारी डॉ आर एन सोरेन, हंस रेनल केयर सेंटर के डॉ नायर आजमी, नीरज कुमार, राहुल पॉल, विकास कुमार पांडे, शिशुपाल मेहता, तौसीफ आलम, विधायक प्रतिनिधि जगदीश भकत, कालीपद गोराई, काजल डॉन, दुर्गा चरण मुर्मू, बाबूलाल मुर्मू, बीपीएम मयंक सिंह आदि उपस्थित थे.

तीन बेड का है सेंटर, रोज 20-30 मरीजों को मिलेगा लाभ

हंस फाउंडेशन के शिशुपाल मेहता ने बताया कि यह झारखंड का छठा नि:शुल्क डायलिसिस सेंटर है. यहां तीन बेड की सुविधा है. प्रतिदिन औसतन 8 सेशंस होते हैं. हर दिन 20-30 मरीजों को सेवाएं मिलेंगी. सेंटर में एक डॉक्टर, दो डायलिसिस टेक्नीशियन, एक वार्ड ब्वॉय और एएनएम की टीम है. फाउंडेशन झारखंड में 4 पीएचसी, 10 मोबाइल मेडिकल यूनिट्स, और लाइवलीहुड, शिक्षा व दिव्यांगजन के लिए कार्य कर रहा है. सभी सेवाएं पूरी तरह निःशुल्क हैं.

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Published by: Akash

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