जादूगोड़ा. केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के ग्रुप केंद्र राखा में गुरुवार को शौर्य दिवस श्रद्धा और गौरव के साथ मनाया गया. यह विशेष दिवस 9 अप्रैल 1965 के उस ऐतिहासिक युद्ध की स्मृति में मनाया जाता है, जब सरदार पोस्ट पर मुट्ठी भर सीआरपीएफ जवानों ने पाकिस्तान की पूरी ब्रिगेड को धूल चटा दी थी. कार्यक्रम की शुरुआत में रेंज कार्यालय जमशेदपुर के उप महानिरीक्षक डॉ जयदेव केसरी एवं ग्रुप केंद्र जमशेदपुर के उप-महानिरीक्षक रमेश कुमार ने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित किया. अधिकारियों और जवानों ने दो मिनट का मौन रखकर उन सात वीर जवानों को याद किया जिन्होंने सरदार पोस्ट की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दे दी थी.
नारियों और पदक विजेताओं का मिला सम्मान
स अवसर पर आयोजित सम्मान समारोह में बल की वीर नारियों को अंग वस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया. साथ ही अदम्य साहस का परिचय देने वाले वीरता पदक विजेताओं को भी सम्मानित किया गया. इसमें मुख्य रूप से राष्ट्रपति वीरता पदक से सम्मानित निरीक्षक रविशंकर और सिपाही विक्रम लोहार को विशेष सम्मान दिया गया. इस मौके पर उप महानिरीक्षक रमेश कुमार ने कहा कि 1965 में सरदार पोस्ट पर हमारे जवानों ने जो अदम्य साहस दिखाया, वह सैन्य इतिहास में विरल है. सीमित संसाधनों के बावजूद 34 दुश्मन सैनिकों को मार गिराना और 4 को बंदी बनाना हमारी वीरता का प्रमाण है. उन्होंने कहा कि शहीदों की कुर्बानी सदैव जवानों को देशसेवा के लिए प्रेरित करती रहेगी. इस मौके पर उप महानिरीक्षक (चिकित्सा) उर्मिल गारी, कमांडेंट पंकज सिंह, सीएमओ डॉ मीना नवीन कुमार, उप कमांडेंट नीरज कुमार, पवन कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी एवं भारी संख्या में जवान उपस्थित रहे.