महेशपुर में ग्रामीणाें के सामने आत्मसमर्पण के बाद नक्सलियों को गोलमुरी ले गयी पुलिस
गुड़ाबांदा/जमशेदपुर : गोलमुरी पुलिस लाइन में कान्हू सिंह मुंडा को सवा पांच बजे आयोजित कार्यक्रम के लिए तैयार किये गये मंच पर मौजूद डीआइजी के समक्ष ले जाया गया. कान्हू सिंह मुंडा ने डीआइजी प्रभात कुमार को इंसास राइफल सौंपी और सरेंडर किया. दूसरे नंबर पर 10 लाख के इनामी नक्सली फोगड़ा मुंडा को मंच पर ले जाकर सरेंडर कराया गया. तीसरे नंबर पर भुगलू सिंह ने और चौथे नंबर पर जितेन मुंडा ने पिस्टल के साथ, पांचवें नंबर पर शंकर मुंडा और उसकी पत्नी काजल मुंडा तथा अंतिम व सांतवें नंबर पर चुन्नू मुंडा को सरेंडर करवाया गया. चुन्नू मुंडा कान्हू सिंह मुंडा दस्ते में सबसे कम उम्र का सदस्य है.
पहले भिजवाये हथियार आधे घंटे बाद नक्सली
महेशपुर गांव को सुबह आठ बजे से ही पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था. एक तरफ पुलिस की टीम गुड़ाबांदा के महेशपुर गांव स्थित कोषाफालिया टोला के फुटबॉल मैदान में फुटबॉल मैच का आयोजन की थी, वहीं दूसरी तरफ पुलिस की एक टीम गांव वालों की मदद से कान्हू मुंडा और उसके सदस्यों के आने का इंतजार कर रही थी. गांव से लगभग तीन किलोमीटर दूर पर कान्हू मुंडा अपने दस्ते के सभी सदस्यों के साथ था. शर्त को मानने की सूचना पुलिस ने करीब 10 बजे ग्रामीणों की मदद से कान्हू तक पहुंचायी. इसके बाद 11.45 बजे के लगभग कान्हू मुंडा ने पुलिस को पहले हथियार भिजवाया और आधे घंटे बाद अपने छह साथियों के साथ गांव पहुंचा. इसके बाद पुलिस सभी को फुटबॉल मैदान में तैयार किये गये मंच पर ले गयी और
सभी ने सरेंडर किया. सभी नक्सली सादी लिबास में थे. एक स्कॉर्पियो से कान्हू मुंडा और फोगड़ा मुंडा तथा अन्य वाहन से नक्सली शंकर मुंडा, उसकी पत्नी काजल
मुंडा, भुगलू सिंह, जितेन मुंडा, चुनू मुंडा को उतारा गया.
मंच पर नक्सलियों को परिजनों को नीचे बैठाया
गोलमुरी पुलिस लाइन में सरेंडर करने वाले सातों नक्सलियों को मंच पर बैठे पुलिस के वरीय अधिकारियों ने साथ बैठाया और उनके परिजनों को मंच से नीचे किनारे में बैठाया. पुलिसकर्मी परिजनों की खातिरदारी में नजर आये.
कान्हू पर 47, फोगड़ा पर 24 मामले हैं दर्ज
डीआइजी ने बताया कि कान्हू मुंडा पर सबसे अधिक मामले दर्ज हैं. कान्हू पर 47 मामले, भोगलू सिंह पर 21, जितेन मुंडा पर 10, चुनू मुंडा पर 5, फोगड़ा मुंडा पर 24, शंकर मुंडा पर 07 और काजल मुंडा पर 03 मामले दर्ज हैं.
माला पहना और शॉल ओढ़ा कर हुआ स्वागत
मंच पर बारी-बारी से कान्हू मुंडा समेत सातों नक्सलियों का एसएसपी समेत अन्य पदाधिकारियों ने माला पहना और शॉल ओढ़ाकर स्वागत किया. इसके बाद सभी नक्सलियों के नाम की घोषणा की गयी.
मंच पर नक्सलियों के परिजन थे मौजूद
मंच पर कान्हू के पिता योगेश्वर मुंडा, मां लखी मुंडा, पत्नी बैशाखी मुंडा, शंकर मुंडा के पिता इंद्रजीत मुंडा, मां फेती मुंडा, भुगलू सिंह के पिता जगन्नाथ सिंह, जितेन मुंडा के पिता काना मुंडा व चुनू मुंडा के पिता डाटु मुंडा थे.
नक्सलियों ने बच्चों के बीच बांटे स्कूल बैग
सरेंडर करने वाले नक्सलियों के हाथों पुलिस ने बच्चों के बीच स्कूली बैग बंटवाया. सभी नक्सलियों ने बारी-बारी से स्कूल बैग बांटे. कान्हू मुंडा की पत्नी बैशाखी मुंडा और पिता योगेश्वर मुंडा ने भी स्कूल बैग बांटे.
