पर्यावरण संरक्षण. लकड़ी काटने के मामले ग्रामीणों की बैठक जंगल बचाने का संकल्प
चाकुलिया : दुबराजपुर गांव में ग्राम प्रधान बैधनाथ हांसदा की अध्यक्षता में बुधवार को बैठक हुई. बैठक में मुख्य अतिथि जंगल बचाओ अभियान की नायिका जमुना टुडू उपस्थित थी. बैठक में श्रीमती टुडू ने कहा कि जंगल से साल लकड़ी काटते पकड़े जाने पर कार्रवाई की जायेगी. ग्रामीण खाना बनाने के लिए सूखी लकड़ियां जंगल […]
चाकुलिया : दुबराजपुर गांव में ग्राम प्रधान बैधनाथ हांसदा की अध्यक्षता में बुधवार को बैठक हुई. बैठक में मुख्य अतिथि जंगल बचाओ अभियान की नायिका जमुना टुडू उपस्थित थी. बैठक में श्रीमती टुडू ने कहा कि जंगल से साल लकड़ी काटते पकड़े जाने पर कार्रवाई की जायेगी. ग्रामीण खाना बनाने के लिए सूखी लकड़ियां जंगल से लें. कच्ची लकड़ियां नहीं काटें. जंगलों की रक्षा से ही मनुष्य जीवन सुरक्षित रहेगा. जंगल हमारी संस्कृति है.
इसे संगठित होकर बचायें. बैठक में मुखिया कान्हाई लाल मांडी, वन सुरक्षा समिति के अध्यक्ष दाशमथ मांडी, रूप चंद मांडी, सुनाराम मांडी, रवि मांडी, ग्रामीण लक्ष्मण मांडी, जादुनाथ हांसदा, लखींद्र किस्कू, राम लाल हांसदा, लखींद्र मांडी, सुराई मांडी, चरण मांडी, गोपाल किस्कू समेत लोहामालिया, बिरदर, भडारू, मोलीबनी, बड़ाघाट, दुबराजपुर, जयनगर आदि गांव के ग्रामीण उपस्थित थे.
गौरतलब हो कि प्रखंड की चालुनिया पंचायत के दुबराजपुर गांव स्थित बड़ाघाट से सटे साल जंगल से 28 मार्च को तीन गांव के ग्रामीणों को लकड़ी ले जाते दुबराजपुर बड़ाघाट वन सुरक्षा समिति के सदस्यों ने लकड़ी के साथ धर दबोचा. समिति की अध्यक्ष उर्मिला हांसदा, राम चंद्र मांडी, बासंती हांसदा, ठाकुर मुनी हांसदा, हिरामुनी हांसदा, सोनामुनी हेंब्रम, दुलाली मांडी, लक्ष्मी किस्कू, गौरी हांसदा, दुलारी हांसदा, पानमुनी मांडी आदि के नेतृत्व में जंगल जाकर लकड़ी को जब्त किया गया. समिति ने इसकी सूचना वन विभाग को दी. वन कर्मी बड़ाघाट पहुंचे और 20-25 बोझा लकड़ी को जब्त किया. वन कर्मियों से ग्रामीणों की बकझक हुई. किसी तरह मामला शांत हुआ.