पटमदा-पाेटका-जादूगाेड़ा पटमदा. गर्मी में भी लहलहा रहे खेत

जल संचय से राखाडीह के किसानों ने बदली तकदीर पटमदा : जल संचय तकनीक से राखडीह गांव के किसानों ने गांव में हरित क्रांति ला दी है. ग्रामीणों ने विभिन्न संस्थानों के सहयोग से प्रत्येक 50 मीटर की दूरी पर तालाब व डोभा का निर्माण कराया. इसके बाद जल संचय कर खेती कर रहे हैं. […]

जल संचय से राखाडीह के किसानों ने बदली तकदीर

पटमदा : जल संचय तकनीक से राखडीह गांव के किसानों ने गांव में हरित क्रांति ला दी है. ग्रामीणों ने विभिन्न संस्थानों के सहयोग से प्रत्येक 50 मीटर की दूरी पर तालाब व डोभा का निर्माण कराया. इसके बाद जल संचय कर खेती कर रहे हैं. इस कदम से गांव के 100 परिवार साल भर खेती कर आत्मनिर्भर हो गये हैं. पटमदा के कई गांव जहां सुखाड़ की मार झेल रहे हैं, वहीं पटमदा से आठ किलोमीटर दूर पुरुलिया (बंगाल) से सटे राखडीह में गर्मी में भी खेत लहलहा रहे हैं. राखडीह गांव में किसान लौकी, बैगन, खीरा, टमाटर, भिंडी, करेला, नेनुआ, बरबटी, हरी मिर्च आदि साग सब्जियों की खेती से अच्छी खासी आमदनी कर रहे हैं.
पांच साल पहले अलग थी स्थिति
पांच वर्ष पूर्व राखडीह गांव के युवा बंगाल व जमशेदपुर मजदूरी के लिए जाते थे. वहीं गांव के युवा अब दूसरे गांव के युवाअों को अपनी खेतों में मजदूरी करवा रहे हैं.
किसानों को अात्म निर्भर बनायेंगे : श्रीमंत : पटमदा के उत्कृष्ट किसान सह राखडीह निवासी श्रीमंत मिश्रा ने सरकार से मिले एक लाख रुपये पुरस्कार राशि से क्षेत्र के किसानों को आत्म निर्भर बनाने का संकल्प लिया है.
श्रीमंत के इस कार्य से गांव के किसान खुश हैं. मुख्यमंत्री किसान प्रोत्साहन योजना के तहत वर्ष 2009 झारखंड स्थापना दिवस समारोह में राज्य सरकार की ओर से पटमदा के उत्कृष्ट किसान श्रीमंत मिश्रा को एक लाख रूपये का नगद पुरस्कार मिला था.
उन्होंने बताया कि बड़ा तालाब व चेकडैम से हर किसान को लाभ नहीं मिल सकता. इसके लिए पुराने रैयत व सरकारी तालाब का जीर्णोद्धार जरूरी है. वर्षा का पानी पहाड़ी नदी व नाला से बह न जाये, इसके लिए छोटा तालाब व डोभा का निर्माण जरूरी है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >