बहरागोड़ा : बहरागोड़ा कॉलेज में वर्ष 2007 में एक 80 लाख की लागत से स्वीकृत 100 बेड का महिला छात्रावास विश्व विद्यालय प्रबंधन की लापरवाही से आज तक शुरू नहीं हो सका है. इससे महिला शिक्षा को झटका लगा है. छात्रावास का भवन बन कर तैयार है. परंतु उसमें बिजली, पानी, शौचालय आदि की व्यवस्था नहीं हो पायी है.
यही कारण है कि छात्रावास का आलीशान भवन दर्शन की वस्तु बन कर रह गया है. इसे चालू करने की दिशा में विव और कॉलेज प्रबंधन, विभिन्न छात्र संगठनों के नेता रूची नहीं ले रहे हैं. अलबत्ता, कॉलेज में पीजी की पढ़ाई शुरू करने के लिए झारखंड छात्र मोरचा आंदोलन कर रहा है. वर्ष 2007 में 80 लाख की राशि से छात्रावास स्वीकृत हुआ था.
लगभग सात साल में संवेदक ने छात्रावास के भवन का निर्माण किया. 80 लाख में से 72 लाख का काम हो गया है. अब भवन बिजली, पानी, शौचालय की व्यवस्था करनी है. मगर उक्त राशि उपलब्ध नहीं करायी जा रही है, इसलिए आलीशान भवन बेकार पड़ा हुआ है.
कॉलेज में हैं 60 % छात्राएं
इस कॉलेज में महिला छात्रावास की निहायत की जरूरत महसूस की जाती है. कॉलेज में विद्यार्थियों की संख्या लगभग पांच हजार है. इनमें छात्राओं की संख्या साठ प्रतिशत बतायी जाती है. अधिकांश छात्राएं दूर दराज के गांवों की है. गुड़ाबांदा प्रखंड की अनेक छात्राएं भी इस कॉलेज में पढ़ती हैं. छात्राएं साइकिल से कॉलेज आना जाना करती हैं. महिला छात्रावास चालू होने से छात्राओं को सुविधा होती.
