धालभूमगढ़ की जुगीशोल मसजिद वर्ष 1942 में बनी

धालभूमगढ़ : धालभूमगढ़ की जुगीशोल मसजिद की स्थापना 1942 में हुई. पहले जुगीशोल की मसजिद फूस की थी. 1942 में मसजिद का पक्का भवन बना. इस मसजिद का कोई लिखित इतिहास नहीं है. सूचना के मुताबिक मसजिद निर्माण लोगों की मदद से की गयी. शेख हुसैन, शेख सुबेदार, श्यामू मल्लिक, शेख याकूब मसजिद के संस्थापक […]

धालभूमगढ़ : धालभूमगढ़ की जुगीशोल मसजिद की स्थापना 1942 में हुई. पहले जुगीशोल की मसजिद फूस की थी. 1942 में मसजिद का पक्का भवन बना. इस मसजिद का कोई लिखित इतिहास नहीं है. सूचना के मुताबिक मसजिद निर्माण लोगों की मदद से की गयी.

शेख हुसैन, शेख सुबेदार, श्यामू मल्लिक, शेख याकूब मसजिद के संस्थापक थे. शेख याकुब शिक्षक थे. उन्होंने लगभग 40 साल तक मसजिद की देखरेख की. वे मसजिद में नि:शुल्क बच्चों को शिक्षा देते थे. बदलते समय और बढ़ती जनसंख्या के लिए मसजिद के सामने के अंश को बढ़ाया गया.

जुम्मे के दिन दान ही मसजिद का आय का श्रोत है. मसजिद में विकास का कार्य लगातार जारी है. जुगीशोल मसजिद कमेटी में अभी अध्यक्ष शेख निजामुद्दीन, सचिव शेख इसराइल, कोषाध्यक्ष शेख रजीबुद्दीन हैं. इमाम मो जाकारिया और शेख इब्राहिम हैं.

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