श्यामसुंदरपुर में वर्ष 2008 में लखन मुर्मू की गोली मारकर हत्या करने का मामला
घाटशिला : वर्ष 2008 में श्यामसुंदरपुर में लखन मुर्मू की गोली मारकर हत्या करने के आरोपी नक्सली फोगड़ा मुंडा को सोमवार को घाटशिला के जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश राम बचन सिंह की अदालत ने साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया. मामले में बचाव पक्ष के अधिवक्ता मोइदुल हक थे.
एपीपी संजय सिन्हा थे. इस संबंध में मृतक की पत्नी गुलापी मुनी मुर्मू के बयान पर चाकुलिया/श्यामसुंदरपुर थाना में कांड संख्या 25/08, दिनांक 13 मई 2008, भादवि की धारा 302, 34 और आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत जमुआ गांव के कुनू मुंडा, शीतल मुंडा, जोगा मुंडा, मुंशी मुंडा, नंदलाल मुंडा, गुराई मुंडा, खुदु मुंडा और छोटो मुंडा के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज हुई थी. दर्ज प्राथमिकी के मुताबिक लखन मुर्मू सुबह छह बजे घर से साइकिल लेकर चाकुलिया बाजार के लिए निकला था.
साढ़े दस बजे गांव के ही सोहागी मांडी ने आकर बताया कि लखन माचाडीहा तीन मुहानी के पास गिरा हुआ है और खून निकल रहा है. इस पर पत्नी समेत परिवार और गांव के लोग उक्त स्थान पर पहुंचे तो पति को मृत पाया. उसके दाहिने कान और पेट खून निकल रहा था. शव के पास ही साइकिल गिरी हुई थी. झोले में सब्जी थी. शव के पास गोली का खोखा भी गिरा हुआ था. बताया कि जमुआ के कुनू मुंडा, शीतल मुंडा, जोगा मुंडा, मुंशी मुंडा, नंदलाल मुंडा, गुराई मुंडा, खुदु मुंडा, छोटो मुंडा आदि से पति का भूमि विवाद चल रहा है.
पति चार मई-08 को भूमि का कागजात लेकर पीताजुड़ी गये थे. यहां निगरानी के इंस्पेक्टर ने दोनों पक्षों को बुलाया था. वहां से लौटने के बाद पति ने बताया था कि उन लोगों ने जान से मारने की धमकी दी है. संदेह है कि कुनू मुंडा, जोगा मुंडा, मुंशी मुंडा, नंदलाल मुंडा, खुदु मुंडा, छोटो मुंडा ने भूमि विवाद के चलते पति की गोली मार कर हत्या कर दी है या फिर करवा दी है.
