घाटशिला : अपनी मांगों के समर्थन में जुनबनी, उलबेड़ा और छबिसा गांव के ग्रामीण और मजदूरों ने बुधवार को धालभूमगढ़ के छबिसा गांव के ईंट भट्ठा में काम ठप कराया. मजदूरों के मुताबिक ईंट भट्ठा में काम के दौरान घायल माइयो हांसदा के मसले पर सम्मान जनक फैसला नहीं होता है, तब तक ईंट भट्ठा में काम रखने का निर्णय लिया है.
पांच मई को इस मसले पर छबिसा क्लब भवन में ग्राम प्रधान सीता राम किस्कू की अध्यक्षता में ग्राम सभा में लिये गये फैसले के मुताबिक ईंट भट्ठा में काम बंद कराया गया. सीमाल बास्के, गोपाल मुमरू, चामरू किस्कू, भीम मुमरू, निमाई हांसदा, मंगल टुडू, सुभाष टुडू, कान्हू हांसदा, गंगा राम हांसदा, सिदु हांसदा, सीता राम टुडू ने बताया कि भट्ठा में काम करते समय रहाड़डीह की गुलापी बास्के, छबिसा की लिदी हांसदा, माइयो हांसदा गंभीर रूप से घायल हुई थीं.
स्टार ब्रिक्स प्रबंधन ने घायल मजदूरों का उचित इलाज नहीं कराया. इलाज और मुआवजा की मांग करने से मजदूरों को काम से हटाया जाता है. घायल मजदूरों के बेहतर इलाज नहीं होने वे कमजोर हो गये हैं. वे काम करने की स्थिति में नहीं हैं. मजदूरों के दबाव से माइयो को इलाज के लिए जमशेदपुर भेजा गया.
मजदूरों की मांग
छबिसा ग्राम सभा में लिये गये निर्णय के मुताबिक घायल मजदूरों को बेहतर चिकित्सा सुविधा, जीवन भर का मुआवजा, पांच लाख रुपये, बच्चों का भरण पोषण, भट्ठा के वाहन आन वाले रास्ते में पानी का छिड़काव, मजदूरों को सुरक्षा सामग्री देने, न्यूनतम मजदूरी समेत अन्य मांगें शामिल हैं.
मजदूर क्यों हुए आक्रोशित
बीते दो मई को जुनबनी दुलबेड़ा स्टार ब्रिक्स भट्ठा में काम करते समय माइयो हांसदा गंभीर रूप से घायल हो गयी थी. घायल माइयो को मुंशी ने अस्पताल पहुंचाने के बजाय घर पहुंचा दिया. माइयो ने घटना की जानकारी परिजनों को भी नहीं दी.
काम बंद कराने समय थे मौजूद
स्टार ब्रिक्स भट्ठा में काम बंद कराने के समय प्रमुख लीला सिंह, झामुमो पंचायत अध्यक्ष जगन्नाथ टुडू, वार्ड सदस्य दुला राम हांसदा, बैधनाथ सोरेन, अशोक सिंह, दुखी राम मार्डी, सुना राम हांसदा उपस्थित थे.
