सड़क हादसे में 30 दिनों के अंदर पुलिस कोर्ट में प्रस्तुत करे संबंधित कागजात : पीडीजे

मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल को लेकर डालसा की ओर से कार्यशाला में पीडीजे ने कहा कि हादसों पर ससमय रिपोर्ट पेश करना थाना प्रभारी व पुलिस पदाधिकारी का कर्तव्य है और कानूनी बाध्यता भी.

दुमका कोर्ट. पीडीजे सह डीएलएसए अध्यक्ष संजय कुमार चन्द्धरियावी के निर्देश पर डीएलएसए में शनिवार को जिलास्तरीय मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल पर कार्यशाला का आयोजन हुआ. कार्यशाला में मोटर दुर्घटना में पीड़ित परिवार को ससमय व उचित मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया के प्रावधान और सरलीकरण पर चर्चा हुई. इस अवसर पर ज़िला जज द्वितीय, प्रकाश झा ने मोटर दुर्घटना कानूनों में वर्ष 2022 में हुए बदलाव का उल्लेख करते हुए कहा कि सड़क दुर्घटना में 30 दिनों के अंदर पुलिस को दुर्घटना से संबंधित कागजात न्यायालय में प्रस्तुत करना है. ऐसा नहीं होने पर कोर्ट को सूचित करना आवश्यक है. उन्होंने युवा थाना प्रभारियों से बेहतर करने की अपेक्षा करते हुए कहा कि पुराने लोगों से बेहतर आप कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि यह हर थाना प्रभारी और पुलिस पदाधिकारी का कर्तव्य और कानूनी बाध्यता है. ऐसा नहीं करने पर कानूनी प्रतिबंध्यता और कानूनी घेरे में आ सकते हैं. जिला जज प्रथम रमेश चंद्र ने चर्चा को आगे बढ़ाते हुए कहा कि दुर्घटनाग्रस्त वाहनों के कागजातों की डीटीओ से जांच कराना अनिवार्य है. पुलिस पदाधिकारियों के कर्तव्य को बताते हुए कहा कि दुर्घटना के बाद इंश्योरेंस कंपनी को जानकारी देना है और इंश्योरेंस कंपनी को ससमय रिपोर्ट सौंपना और वैध स्वीकृति देना कार्य है. मुख्यालय डीएसपी इकुड डुंगडुंग ने मुआवजा दिलाने में पुलिस पदाधिकारियों को महती भूमिका और कर्त्तव्यों को बता थाना प्रभारियों को अपनी भूमिका कर्त्तव्यनिष्ठा से निभाने का अपील की. कहा कि दुमका जिला में दुर्घटना में 21 प्रतिशत की कमी आयी है. साथ ही उन्होंने कहा कि आम जनता मोटर एक्सीडेंट में घायल किसी व्यक्ति को दुर्घटना के एक घंटा के अंदर गोल्डन आवर में इलाज के लिए पहुंचाता है तो ऐसे व्यक्ति को झारखंड सरकार की ओर से पांच हज़ार रुपये की पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र मिलता है. अगर कोई अज्ञात वाहन से दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो जाता है तो 50 हज़ार रुपये देने का प्रावधान है. कार्यशाला का नेतृत्व प्राधिकार सचिव उत्तम सागर राणा एवं संचालन एलएडीसी अंकित कुमार सिंह ने किया. इस अवसर पर अधिवक्ता राजेंद्र कुमार, अमर मंडल, विक्रमादित्य पांडेय, प्रेमजीत लाल, चीफ़ एलएडीसी सिकंदर मंडल, डिप्टी चीफ सरोज कुमार गोन, सहायक रोबिन कुमार भी उपस्थित थे.

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