प्रतिनिधि, मसलिया
मसलिया थाना क्षेत्र में साइबर ठगी का एक नया मामला सामने आया है. एपीके फाइल के जरिए साइबर अपराधियों ने एक रोजगार सेवक समेत दो लोगों का व्हाट्सएप हैक कर लिया. इसके बाद उनके व्हाट्सएप अकाउंट से जुड़े ग्रुपों और व्यक्तिगत संपर्कों पर गूगल पे का क्यूआर कोड भेजकर रुपये की मांग की जाने लगी. घटना के बाद क्षेत्र में लोगों के बीच चिंता का माहौल है. जानकारी के अनुसार, मसलिया प्रखंड के रोजगार सेवक गोसाई हेम्ब्रम के मोबाइल पर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से संबंधित बताकर एक एपीके फाइल भेजी गयी. बताया जाता है कि फाइल खोलते ही वह मोबाइल में डाउनलोड हो गयी और कुछ ही देर बाद साइबर अपराधियों ने उनके व्हाट्सएप अकाउंट पर नियंत्रण कर लिया. व्हाट्सएप हैक होने के बाद अपराधियों ने उनके सभी संपर्कों, व्हाट्सएप ग्रुपों और निजी चैट में गूगल पे का क्यूआर कोड भेजना शुरू कर दिया. संदेश में लिखा गया था कि, "मैं बड़ी मुसीबत में हूं, कृपया इस क्यूआर कोड पर पैसे भेज दें. " इससे उनके परिचितों में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गयी. इसी दौरान गोसाई हेम्ब्रम के व्हाट्सएप से भेजी गयी उसी एपीके फाइल को रोहड़ा गांव निवासी मृणाल मंडल ने भी खोल लिया. इसके बाद उनका व्हाट्सएप भी हैक हो गया और साइबर ठगों ने उनके नाम से भी लोगों को क्यूआर कोड भेजकर रुपये मांगने शुरू कर दिए. गोसाई हेम्ब्रम ने बताया कि करीब पांच माह पहले भी उनका मोबाइल हैक हो चुका था. उस समय उन्होंने इसकी लिखित शिकायत मसलिया थाना में दर्ज करायी थी. इसके बावजूद वे एक बार फिर साइबर ठगी का शिकार हो गए. घटना के बाद लोगों से अपील की जा रही है कि किसी भी अनजान नंबर से प्राप्त एपीके फाइल, लिंक या अन्य संदिग्ध फाइल को बिना जांचे-परखे डाउनलोड या इंस्टॉल न करें. यदि किसी परिचित के नाम से अचानक रुपये मांगने का संदेश मिले, तो पहले संबंधित व्यक्ति से फोन पर संपर्क कर उसकी पुष्टि अवश्य कर लें.
