वक्फ संशोधन अधिनियम के ख़िलाफ़ सड़क पर उतरे लोग

वक्फ की संपत्ति पूर्वजों द्वारा ईश्वर के नाम पर दान की गयी संपत्ति, जिसपर मुस्लिम समाज से अलग किसी का बाहरी हस्तक्षेप स्वीकार नहीं.

दुमका. वक्फ संशोधन अधिनियम-2025 के विरोध में बुधवार को उपराजधानी दुमका में अल्पसंख्यक समाज द्वारा वृहत स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया गया. अब्दुस सलाम अंसारी के नेतृत्व में किये गये इस प्रदर्शन में झारखंड मुक्ति मोर्चा के वरिष्ठ नेता और सांसद नलिन सोरेन के साथ हजारों लोग उपस्थित हुए. शहर के आउटडोर स्टेडियम से रैली की शक्ल में ये सभी शहर के विभिन्न चौक चौराहों से होकर गुजरते हुए समाहरणालय के सामने पहुंचे और धरना दिया. इस रैली और विरोध प्रदर्शन के दौरान उपस्थित लोगों ने वक्फ संशोधन अधिनियम को काला कानून बताया और कहा कि यह अल्पसंख्यक समाज को कमजोर करने की साजिश है. उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कहा कि जब से यह मोदी सरकार केंद्र में आयी है, मुस्लिम समुदाय को लगातार निशाना बनाया जा रहा है. चाहे वह तीन तलाक का मामला हो या फिर अभी वक्फ संशोधन अधिनियम. उनका उद्देश्य हमें नीचा दिखाना है. झारखंड राज्य में इसे नहीं लागू करे हेमंत सरकार : सांसद इस विरोध प्रदर्शन में मुख्य रूप से भाग लेने वाले झारखंड मुक्ति मोर्चा के वरिष्ठ नेता व दुमका सांसद नलिन सोरेन ने कहा कि इस देश को आजाद करने में सभी जाति-धर्म के लोगों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया था. बाबा साहब अंबेडकर ने जो कानून बनाया उसमें सभी को अपने-अपने धर्म को मानने का अधिकार दिया गया. इसके बावजूद केंद्र में जो मोदी की सरकार है वह अपनी मनमानी कर रही है. यह कानून नियमतः गलत है. उन्होंने कहा कि हम विपक्षी दलों के विरोध के बावजूद संख्या बल की बदौलत मोदी सरकार ने वक्फ संशोधन कानून बना दिया. कहा कि भारतीय जनता पार्टी जाति, धर्म, क्षेत्र के आधार पर लोगों को लड़वाना चाहती है. सांसद नलिन सोरेन ने कहा कि हमारी झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से यह मांग है कि वे इस कानून को झारखंड राज्य में नहीं लागू करें. ये सभी लोग मुख्य रूप से रहे शामिल : धरना-प्रदर्शन में मुख्य रूप से मो अब्दुस सलाम अंसारी, मौलाना जसीरुद्दीन सिमनानी, मौलाना अमीर खुसरो नुमानी, मौलाना मुफ्ती इलयास कासमी, मौलाना मुबारक दुमकावी, मो सिराजुद्दीन अंसारी, मो कलीम अंसारी, मौलाना मुस्तफा मियां, फरीद अंसारी, मोजाहिद अंसारी, मौलाना सलामत साहब, अब्दुल जब्बार अंसारी, मो इसराफिल, मुफ्ती सैयफुल्लाह, मो कादिर रजा, मो अब्दुल रहीम अंसारी, मो सिद्दीक अंसारी, मौलाना सलीमुद्दीन साहब, मो खुर्शीद अंसारी, लाल मोहम्मद अंसारी, मजीद अंसारी, सैराज अंसारी, महेश चंद्रवंशी आदि शामिल हुए.

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Author: RAKESH KUMAR

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