डंपिंग यार्ड हटाने की मांग पर आंदोलन ने पूरे किए 50 सप्ताह

स्टेशन परिसर के बाहर धरना जारी रखते हुए रैली निकाली गयी. आंदोलनकारियों ने आम जनता को कोयला डस्ट से हो रहे प्रदूषण के दुष्प्रभावों की जानकारी दी और विधायक, सांसद, रेल प्रशासन, रेल मंत्री तथा जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की.

प्रतिनिधि, दुमका नगर उप-राजधानी दुमका रेलवे स्टेशन परिसर में बने कोयला डंपिंग यार्ड को हटाने की मांग को लेकर चल रहे धरना-प्रदर्शन का रविवार को 50वां सप्ताह पूरा हो गया. इस अवसर पर स्टेशन परिसर के बाहर धरना जारी रखते हुए रैली निकाली गयी. आंदोलनकारियों ने आम जनता को कोयला डस्ट से हो रहे प्रदूषण के दुष्प्रभावों की जानकारी दी और विधायक, सांसद, रेल प्रशासन, रेल मंत्री तथा जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की. स्थानीय लोगों का कहना है कि कोयला रैक बनने के बाद से ही इसे हटाने की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है. कोयला डस्ट से न केवल स्थानीय लोग, बल्कि आसपास के शिक्षण संस्थान भी प्रभावित हो रहे हैं. हजारों की संख्या में छोटे बच्चों, छात्रों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर नाराजगी स्थानीय लोगों ने सांसद, विधायक, रेलवे प्रशासन, रेल मंत्री और राज्य-केंद्र सरकार से बार-बार गुहार लगायी. लेकिन समस्या जस की तस है. आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक स्टेशन से कोयला डंपिंग यार्ड नहीं हटाया जायेगा, धरना जारी रहेगा. आंदोलन का नेतृत्व कर रहे रवि शंकर मंडल, हेमंत श्रीवास्तव, मंजू गुप्ता, राजेश कुमार, संजय मंडल, श्यामदेव हेंब्रम समेत कई स्थानीय लोगों ने जनप्रतिनिधियों की चुप्पी को जनता के दुख-दर्द की अनदेखी बताया.

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Author: NITIN KUMAR

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