आदिवासी संस्कृति व परंपरा का प्रतीक है सोहराय पर्व

विधायक ने ढोलपहरी, पहरीडीह, समाय, सलेया, बंगालीडीह और रंगनियां गांवों में करीब 600 जरूरतमंदों के बीच कंबल का वितरण किया.

ढोलपहरी और पहरीडीह गांव पहुंचे विधायक प्रदीप यादव, कहा प्रतिनिधि, सरैयाहाट सोहराय पर पोड़ैयाहाट के विधायक प्रदीप यादव सोमवार को ढोलपहरी और पहरीडीह गांव पहुंचे, जहां ग्रामीणों ने पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ स्वागत किया. विधायक प्रदीप यादव ने कहा कि सोहराय पर्व आदिवासी संस्कृति की समृद्ध परंपरा का प्रतीक है. यह पर्व आस्था और विश्वास से जुड़ा है, जिसे संताली समाज अच्छी फसल होने की खुशी में मनाता है. उन्होंने कहा कि सोहराय केवल एक पर्व नहीं, बल्कि यह हमें प्रकृति के प्रति सम्मान और आपसी भाईचारे का संदेश देता है. आदिवासी समाज का यह पर्व हमें सिखाता है कि पहले प्रकृति है, तब हम हैं. विधायक ने कहा कि अपनी सांस्कृतिक विरासत को आनेवाली पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है. उन्होंने आगे कहा कि आदिवासी समाज की रूढ़िवादी व्यवस्था और परंपराओं को ध्यान में रखकर ही सरकार ने पेसा कानून बनाया है. उन्होंने लोगों से जयपाल मुंडा के ऐतिहासिक लोकसभा भाषणों को अवश्य सुनने और समझने की अपील की. मौके पर विधायक ने ढोलपहरी, पहरीडीह, समाय, सलेया, बंगालीडीह और रंगनियां गांवों में करीब 600 जरूरतमंदों के बीच कंबल का वितरण किया. ढोलपहरी में ग्रामीणों ने विधायक के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं, जिनमें चेकडैम निर्माण, खराब ट्रांसफार्मर बदलने और मांझीथान निर्माण की मांग प्रमुख थी. विधायक प्रदीप यादव ने सभी मांगों को गंभीरता से लेते हुए जल्द पूरा कराने का आश्वासन दिया. मौके पर नवाडीह के पूर्व मुखिया बसंती मुर्मू, पंचायत समिति सदस्य पुष्पा बास्की, सुशील हेंब्रम, माथाकेसो पंचायत के मुखिया रसिकलाल हांसदा, लोबिन हेंब्रम, पुरुषोत्तम सिंह, विनोद यादव, अशोक यादव, सुबोध यादव, दीपक कुमार, प्रदीप मंडल, चुन्ना मंडल, उप मुखिया बिनोद यादव आदि मौजूद थे.

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By ANAND JASWAL

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