एसकेएमयू में सालभर चलेगा वैचारिक मंथन, पर्यावरण से साइबर सुरक्षा तक मुद्दों पर जागरूक होंगे छात्र

सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय सत्र 2026-27 से एक नया 'डिपार्टमेंटल अवेयरनेस कैलेंडर' लागू कर रहा है. इस पहल का उद्देश्य छात्रों में सामाजिक सरोकार, नागरिक कर्तव्य और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देना है. यह कैलेंडर पारंपरिक शिक्षा से परे जाकर छात्रों को पर्यावरण, मानवाधिकार और साइबर सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों से व्यावहारिक रूप से जोड़ेगा.

दुमका : सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय का परिसर अब पारंपरिक पाठ्यक्रम और परीक्षाओं तक सीमित नहीं रहेगा. विद्यार्थियों में सामाजिक सरोकार, नागरिक कर्तव्य और वैज्ञानिक सोच विकसित करने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय प्रशासन ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए विस्तृत ‘डिपार्टमेंटल अवेयरनेस कैलेंडर’ जारी किया है. कुलपति प्रो. कुनुल कांडिर के निर्देश पर तैयार इस पहल के तहत स्नातकोत्तर विभागों समेत सभी अंगीभूत व संबद्ध कॉलेजों में महत्वपूर्ण राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय दिवसों पर विशेष शैक्षणिक और विमर्श सत्र आयोजित किए जाएंगे. अभियान के संचालन की जिम्मेदारी डीन एकेडेमिक अफेयर्स डॉ. जैनेंद्र यादव को सौंपी गयी है.

कक्षा से बाहर ज्वलंत मुद्दों पर होगी चर्चा

विश्वविद्यालय के अनुसार पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को पर्यावरण, मानवाधिकार, साइबर सुरक्षा और स्थानीय पारिस्थितिकी जैसे मुद्दों से व्यावहारिक रूप से जोड़ना है. इससे छात्र-छात्राओं में सामाजिक दायित्व और संस्थागत गौरव की भावना मजबूत होगी. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जागरूकता कार्यक्रमों के कारण नियमित पठन-पाठन प्रभावित नहीं होना चाहिए. सभी कार्यक्रम सुबह 10 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक अधिकतम साढ़े तीन घंटे में पूरे किए जाएंगे. आयोजन के 48 घंटे के भीतर उपस्थिति, परिचर्चा के निष्कर्ष और फोटोग्राफ सहित रिपोर्ट डीन एकेडेमिक्स को भेजना अनिवार्य होगा.

अकादमिक गतिविधियों को समाज से जोड़ने की पहल

डीन एकेडेमिक अफेयर्स डॉ. जैनेंद्र यादव ने कहा कि कुलपति के मार्गदर्शन में तैयार यह रूपरेखा विद्यार्थियों को थ्योरी से आगे ले जाकर वास्तविक दुनिया की चुनौतियों को समझने का मंच देगी. विश्वविद्यालय के जनसंपर्क निदेशक डॉ. राजीव रंजन सिन्हा ने बताया कि विभिन्न विभागों के समन्वय से होने वाले कार्यक्रमों से कैंपस का अकादमिक माहौल जीवंत होगा और छात्रों के बहुआयामी व्यक्तित्व विकास में मदद मिलेगी.

इन मुद्दों पर होगा सालभर मंथन

14 सितंबर को हिंदी दिवस पर भाषायी पहचान एवं डिजिटल गवर्नेंस में कार्यात्मक हिंदी पर चर्चा होगी. 10 अक्टूबर को विद्यार्थी कल्याण, अकादमिक तनाव प्रबंधन एवं युवा परामर्श, 26 नवंबर को संविधान दिवस पर नागरिक स्वतंत्रता एवं भारतीय युवाओं के नागरिक कर्तव्य और 2 दिसंबर को डिजिटल सुरक्षा, साइबर सुरक्षा एवं सुरक्षित बैंकिंग विषय पर विमर्श होगा.

10 दिसंबर को मानवाधिकार दिवस पर वैश्विक मानवाधिकार मुद्दे एवं मानवीय संकट, 20 फरवरी 2027 को लैंगिक असमानता, गरीबी एवं बेरोजगारी तथा 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं हरित प्रौद्योगिकी की संभावनाओं पर चर्चा होगी.

पर्यावरण और स्थानीय मुद्दों पर भी फोकस

8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर लैंगिक समानता एवं ग्रामीण महिलाओं का सशक्तीकरण, 22 मार्च को विश्व जल दिवस पर वैश्विक जल का सतत प्रबंधन और 22 अप्रैल को पृथ्वी दिवस पर प्लैनेट बनाम प्लास्टिक व छोटानागपुर पठार में जलवायु सहनशीलता पर मंथन होगा. 22 मई को जैव विविधता दिवस पर मानव-वन्यजीव संघर्ष नियंत्रण व राजमहल पहाड़ियों के संरक्षण तथा 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर वन संरक्षण के लिए जीआईएस तकनीक विषय पर कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Anand Jayswal

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >