दुमका. दुमका में मेडिकल शिक्षा के विस्तार की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ गयी है. रानीश्वर स्थित सिदो-कान्हू मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में शैक्षणिक सत्र 2026-27 में अब 150 एमबीबीएस सीटों पर दाखिला होगा. राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) की अपील कमिटी ने संस्थान की ओर से सीटें बढ़ाने को लेकर दायर अपील को स्वीकार करते हुए 50 अतिरिक्त सीटों पर दाखिले की मंजूरी दे दी है. इसके साथ ही कॉलेज में एमबीबीएस सीटों की संख्या 100 से बढ़कर 150 हो गयी है. निर्णय की सूचना कॉलेज प्रबंधन को मिल गयी है और विस्तृत आदेश जल्द जारी होने की बात कही गयी है.
मेडिकल शिक्षा के लिए बढ़े 50 अवसर
एनएमसी के इस फैसले से मेडिकल शिक्षा के अवसरों में बड़ा इजाफा होगा. 50 अतिरिक्त एमबीबीएस सीटें बढ़ने का मतलब है कि अब अधिक विद्यार्थियों को दुमका में ही मेडिकल की पढ़ाई करने का अवसर मिलेगा. खासकर संताल परगना और झारखंड के विद्यार्थियों के लिए इसे महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है. मेडिकल शिक्षा के लिए बड़े शहरों पर निर्भरता कम करने की दिशा में भी यह फैसला अहम साबित हो सकता है.
मेडिकल कॉलेज के साथ 650 बेड का अस्पताल
मेडिकल शिक्षा में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण क्लीनिकल प्रशिक्षण उपलब्ध कराना अहम होता है. सिदो-कान्हू मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में मेडिकल कॉलेज के साथ करीब 650 बेड की क्षमता वाला अस्पताल भी संचालित किया जा रहा है. इससे एमबीबीएस विद्यार्थियों को कक्षा में पढ़ाई के साथ मरीजों के बीच व्यावहारिक और क्लीनिकल प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा.
कॉलेज में विद्यार्थियों की पढ़ाई और प्रशिक्षण के लिए आधुनिक प्रयोगशालाएं, डिजिटल लाइब्रेरी और स्किल लैब सहित आवश्यक आधारभूत सुविधाएं विकसित की गयी हैं. सीटों में बढ़ोतरी के साथ इन सुविधाओं का महत्व भी बढ़ गया है.
दुमका में मेडिकल शिक्षा का बढ़ा दायरा
दुमका में मेडिकल शिक्षा का दायरा लगातार बढ़ रहा है. सरकारी क्षेत्र में फूलो झानो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के बाद निजी क्षेत्र में सिदो-कान्हू मेडिकल कॉलेज की 150 एमबीबीएस सीटों तक पहुंचना जिले के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है. इससे दुमका में मेडिकल शिक्षा के अधिक विकल्प उपलब्ध होंगे.
एमबीबीएस सीटों में बढ़ोतरी का लाभ केवल दुमका तक सीमित नहीं रहेगा. संताल परगना के दुमका, देवघर, जामताड़ा, पाकुड़, साहिबगंज और गोड्डा समेत आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए मेडिकल शिक्षा के अवसर बढ़ेंगे. इससे क्षेत्र में मेडिकल शिक्षा का आधार मजबूत होने के साथ भविष्य में चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है.
150 सीटों की मंजूरी संस्थान की क्षमता का संकेत
संस्थान प्रबंधन के अनुसार, 150 एमबीबीएस सीटों की मंजूरी कॉलेज की शैक्षणिक और आधारभूत क्षमता को भी दर्शाती है. मेडिकल शिक्षा में सीटों का बढ़ना केवल संख्या में वृद्धि नहीं है, बल्कि इसके साथ शिक्षण, प्रयोगशाला, क्लीनिकल प्रशिक्षण और अस्पताल आधारित शिक्षा की क्षमता का विस्तार भी जुड़ा है. एनएमसी की मंजूरी से सिदो-कान्हू मेडिकल कॉलेज की भूमिका दुमका में मेडिकल शिक्षा के विस्तार में और महत्वपूर्ण हो गयी है.
दुमका को मेडिकल शिक्षा विस्तार का मिला बड़ा अवसर
150 एमबीबीएस सीटों के साथ सिदो-कान्हू मेडिकल कॉलेज अब दुमका में मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी भूमिका निभाने की स्थिति में है. सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में मेडिकल शिक्षा के अवसर उपलब्ध होने से जिले की शैक्षणिक पहचान मजबूत होगी. साथ ही स्थानीय स्तर पर मेडिकल शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और भविष्य के चिकित्सकीय मानव संसाधन के विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है.
संस्थान के लिए बड़ी उपलब्धि : चेयरमैन
सिदो-कान्हू मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के चेयरमैन राधेश्याम राय ने कहा कि कॉलेज में उपलब्ध आधारभूत संरचना, अस्पताल की सुविधाओं और शैक्षणिक संसाधनों को देखते हुए एमबीबीएस सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए एनएमसी की अपील कमिटी के समक्ष आवेदन किया गया था. कमिटी ने मामले पर सुनवाई के बाद 50 अतिरिक्त सीटों की मंजूरी प्रदान कर दी.
उन्होंने कहा कि इसके साथ ही कॉलेज में एमबीबीएस की कुल स्वीकृत सीटें बढ़कर 150 हो गयी हैं. 150 एमबीबीएस सीटों की मंजूरी संस्थान की शैक्षणिक क्षमता, आधारभूत संरचना और अस्पताल सुविधाओं पर एनएमसी के भरोसे को दर्शाती है. यह उपलब्धि केवल संस्थान के लिए ही नहीं, बल्कि दुमका में मेडिकल शिक्षा के विस्तार के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है. इससे संताल परगना समेत झारखंड के विद्यार्थियों के लिए मेडिकल शिक्षा के अवसर बढ़ेंगे.
