बासुकिनाथ में आस्था का सैलाब, 1.42 लाख कांवरियों ने किया जलाभिषेक
बासुकिनाथ : राजकीय श्रावणी मेला महोत्सव के 23वें दिन सावन शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर शुक्रवार को बाबा फौजदारीनाथ की नगरी आस्था और भक्ति से सराबोर रही. बाबा के दर्शन और जलार्पण के लिए आधी रात से ही मंदिर के बाहर कांवरियों की कतार लगनी शुरू हो गयी थी. अहले सुबह मंदिर का पट खुलते ही पूरा परिसर हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से गूंज उठा. षोडशोपचार विधि से सरकारी पूजा संपन्न होने के बाद श्रद्धालुओं के लिए मंदिर का पट खोला गया. इसके बाद कांवरियों ने कतारबद्ध होकर बाबा फौजदारीनाथ के अरघा में जलार्पण किया. मंदिर प्रबंधन के अनुसार शुक्रवार को करीब 1,42,652 कांवरियों ने बाबा का जलाभिषेक कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की. श्रद्धालुओं की भीड़ से मंदिर प्रांगण, शिवगंगा घाट और मेला क्षेत्र दिनभर भक्तिमय बना रहा.
रिंग रोड से धर्मशाला तक लगी कांवरियों की कतार
कांवरियों की कतार रिंग रोड से होते हुए संस्कार मंडप, क्यू कॉम्पलेक्स, शिवगंगा पीड़ कुशवाहा धर्मशाला तक लगी रही. जिला प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं को धूप और बारिश से बचाने के लिए रूट लाइन में शेड की व्यवस्था की गयी थी. सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए पुलिस पदाधिकारी एवं जवान लगातार तैनात रहे.
24,450 श्रद्धालुओं ने काउंटर पर किया जलार्पण
मंदिर निकास द्वार के समीप बने जलार्पण काउंटर में शुक्रवार को 24,450 महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने जल अर्पित किया. काउंटर में डाला गया जल पाइप के माध्यम से सीधे बाबा भोलेनाथ के शिवलिंग पर पहुंचता है. श्रद्धालु इस व्यवस्था को इंटरनेट जलार्पण के नाम से जानते हैं. काउंटर पर दस एलईडी टीवी लगाये गये हैं, जिनके माध्यम से श्रद्धालुओं को गर्भगृह में होने वाले जलार्पण का लाइव दर्शन कराया जाता है.
3700 कांवरियों ने लिया शीघ्रदर्शनम का लाभ
मंदिर कार्यालय के अनुसार शुक्रवार को 3700 कांवरियों ने शीघ्रदर्शनम व्यवस्था का लाभ उठाकर सुलभ जलार्पण किया. श्रद्धालुओं ने 500 रुपये का रसीद कटाकर सिंह द्वार से मंदिर प्रांगण में प्रवेश किया. इस व्यवस्था से शिव मंदिर न्यास पर्षद को 18 लाख 50 हजार रुपये की आय हुई.
मंदिर को 21.73 लाख रुपये की आमदनी
शिव मंदिर न्यास पर्षद, बासुकिनाथ को शुक्रवार को कुल 21,73,137 रुपये की आमदनी हुई. मंदिर प्रांगण स्थित विभिन्न दानपेटियों से 2,67,790 रुपये, गोलक से 43,570 रुपये तथा अन्य स्रोतों से 11,807 रुपये प्राप्त हुए. दानपेटी और गोलक से प्राप्त राशि की गिनती सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में मंदिर प्रशासनिक भवन में अधिकारियों की मौजूदगी में की गयी.
इंद्रवर्षा से श्रद्धालुओं को मिली राहत
लंबी कतार में घंटों खड़े रहने वाले श्रद्धालुओं की थकान दूर करने के लिए जिला प्रशासन की ओर से रूट लाइन में इंद्रवर्षा की व्यवस्था की गयी है. फव्वारे के माध्यम से कतार में खड़े श्रद्धालुओं पर शीतल जल की फुहारें डाली जाती हैं, जिससे उन्हें गर्मी और थकान से राहत मिलती है. लगातार पैदल चलने से जब श्रद्धालुओं के कदम थमने लगते हैं, तब इंद्रवर्षा उनके भीतर नयी ऊर्जा का संचार करती है.
