प्रतिनिधि, बासुकिनाथ महाशिवरात्रि का पर्व भगवान भोलेनाथ के भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है. इस पावन अवसर पर बासुकिनाथ मंदिर में हर वर्ष भव्य आयोजन किया जाता है, जिसमें देशभर से श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल होते हैं. इस वर्ष भी महाशिवरात्रि समारोह को सफल और सुव्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासनिक तैयारियां जोरों पर हैं. इसी क्रम में गुरुवार को एसडीओ कौशल कुमार और प्रशिक्षु आइएएस अभिषेक कुमार ने मंदिर के पंडा, पुरोहित और स्थानीय नागरिकों के साथ बैठक की. बैठक में आयोजन के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करते हुए सभी से सहयोग और भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की गयी. एसडीओ ने बताया कि इस वर्ष भी बाबा फौजदारीनाथ का विवाह पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ भव्यता से संपन्न होगा. विवाहोत्सव के दौरान आयोजित होने वाले धार्मिक अनुष्ठानों की विस्तार से समीक्षा की गयी. श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कई प्रस्तावों पर सहमति बनी. सुबह जल्दी ही गर्भगृह में पूजा-अर्चना शुरू होगी, जहां कतारबद्ध होकर भक्त भगवान भोलेनाथ के दर्शन और पूजन कर सकेंगे. साथ ही, पूरे मेला क्षेत्र में विद्युत साज-सज्जा को आकर्षक और भव्य बनाने पर चर्चा हुई. 300 रुपये में शीघ्रदर्शनम पूजा करेंगे श्रद्धालु आयोजन के तहत 24 फरवरी को ध्वज और कलश उतारने की रस्म होगी. 25 फरवरी को हरिद्रालेपन, लावा-कांसा की रस्म और संध्या काल में सदावरत वितरण किया जायेगा. 26 फरवरी को चार प्रहर पूजन और रात्रि में महाशिवरात्रि के अवसर पर शिव विवाह की झांकी का नगर भ्रमण होगा. 27 फरवरी को घूंघट की रस्म के साथ विवाहोत्सव संपन्न होगा. महाशिवरात्रि के दिन मंदिर में सुबह पांच बजे से ही शीघ्रदर्शनम की व्यवस्था की जायेगी. श्रद्धालु मंदिर कार्यालय से 300 रुपये की रसीद प्राप्त कर वीआइपी गेट से गर्भगृह में सुगमतापूर्वक दर्शन-पूजन कर सकेंगे. नगर पंचायत अधिकारी को मेला क्षेत्र और मंदिर परिसर में साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गये हैं. साथ ही, प्रशिक्षु आईएएस और एसडीओ ने शिवगंगा के जल को स्वच्छ बनाये रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं. इसके तहत पेयजल स्वच्छता विभाग द्वारा पाइप के माध्यम से पानी गिराने और जल में एलम व चूना डालने की व्यवस्था की जायेगी. भोलेनाथ पालकी पर होंगे सवार इस वर्ष शिव बारात में हाथी शामिल नहीं होगा. मंदिर सहायक प्रबंधक सुभाष राव ने बताया कि पिछले वर्ष बनारस के एक हाथी मालिक से बातचीत की गई थी, जिसने 5.50 लाख रुपये की मांग की थी. साथ ही, उत्तर प्रदेश और बिहार सरकार से एनओसी लेने की आवश्यकता बताई गई थी. कानूनी अड़चनों के कारण हाथी का प्रस्ताव स्थगित कर दिया गया है. इसलिए, इस बार भगवान भोलेनाथ गजराज के बजाय पालकी पर सवार होकर दूल्हा बनकर नगर भ्रमण करेंगे. हालांकि, बाबा के विवाह में हाथी शामिल होने की परंपरा वर्षों पुरानी रही है. झांकी के साथ निकलेगी भव्य शिव बारात महाशिवरात्रि के अवसर पर भव्य शिव बारात निकाली जायेगी, जिसमें विभिन्न आकर्षक झांकियां शामिल होंगी. जरमुंडी एसडीपीओ अमित कच्छप और पुलिस निरीक्षक श्यामानंद मंडल ने बताया कि यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाये रखने के लिए नंदी चौक पर ही वाहनों का प्रवेश रोक दिया जायेगा. मंदिर के आसपास भी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा. सुरक्षा के मद्देनजर असामाजिक तत्वों पर विशेष नजर रखी जायेगी और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से पूरे मंदिर क्षेत्र की गतिविधियों पर निगरानी की जायेगी. बैठक में सीओ संजय कुमार, पुलिस निरीक्षक श्यामानंद मंडल, मंदिर न्यास पर्षद के सदस्य कुंदन पत्रलेख, कुंदन झा, सारंग झा, गौतम राव, नंदकिशोर सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे. इस प्रकार, इस वर्ष महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर बासुकिनाथ मंदिर में भक्ति, आस्था और परंपरा का भव्य संगम देखने को मिलेगा, जिसमें श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के दिव्य विवाह और शिव बारात के साक्षी बनेंगे. ——————————– महाशिवरात्रि: एसडीओ ने की महाशिवरात्रि की तैयारियों की समीक्षा बाबा फौजदारीनाथ का विवाह परंपरागत तरीके से भव्यता पूर्वक होगा भोलेनाथ गजराज के बजाय पालकी पर सवार होकर दुल्हा बनकर निकलेंगे
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