दुमका :: उपराजधानी दुमका में नगर परिषद द्वारा शहर का कचरा डंप किये जाने वाले बक्शीबांध इलाके में पिछले चार-पांच दशक में खड़े हुए कचरे के पहाड़ से अब लोगों को मुक्ति मिलने की उम्मीद जगी है. बक्शीबांध में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के तहत पुराने कचरे की प्रोसेसिंग के लिए प्लांट स्थापित किया गया है. बुधवार को नगर परिषद अध्यक्ष अभिषेक चौरसिया ने फीता काटकर और नारियल फोड़कर प्लांट का विधिवत उद्घाटन किया. इसके साथ ही यहां वर्षों से जमा कचरे के निस्तारण और प्रोसेसिंग का काम शुरू हो गया. उद्घाटन के मौके पर नगर परिषद उपाध्यक्ष मनोज सिंह, कार्यपालक पदाधिकारी शीतांशु खालखो, स्थानीय निवासी संतोष चौधरी, संवेदक समेत कई गणमान्य लोग और स्थानीय नागरिक मौजूद थे. प्लांट के शुरू होने से लंबे समय से कचरे के ढेर की समस्या झेल रहे आसपास के मोहल्लेवासियों में राहत की उम्मीद जगी है.
गर्मी और बरसात के दिनों में स्थिति और भी विकट
बक्शीबांध और इसके आसपास रहने वाले लोगों के लिए यहां जमा कचरा लंबे समय से परेशानी का कारण बना हुआ है. कचरे के विशाल ढेर से निकलने वाली दुर्गंध और गंदगी के कारण आसपास के लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता रहा है. गर्मी और बरसात के दिनों में स्थिति और भी विकट हो जाती थी. स्थानीय लोग लंबे समय से कचरे के निस्तारण और समस्या के स्थायी समाधान की मांग करते रहे हैं. अब प्रोसेसिंग प्लांट का संचालन शुरू होने के बाद लोगों को उम्मीद है कि वर्षों से जमा कचरे का चरणबद्ध तरीके से निस्तारण होगा और कचरे के पहाड़ का स्वरूप धीरे-धीरे बदलेगा. इससे आसपास रहने वाले लोगों को गंदगी और दुर्गंध से राहत मिलने की भी उम्मीद है.
प्लांट का नियमित संचालन से ही बनेगी बात
स्थानीय निवासी संतोष चौधरी ने कहा कि प्लांट का उद्घाटन निश्चित रूप से स्वागत योग्य कदम है, लेकिन इसका वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब इसका नियमित और प्रभावी तरीके से संचालन हो. अब लोगों की नजर इस बात पर है कि कचरे के निस्तारण का काम कितनी तेजी से होता है और कचरे के पहाड़ को पूरी तरह हटाने के लिए आगे क्या कदम उठाये जाते हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों पुरानी समस्या का समाधान केवल प्लांट के उद्घाटन से नहीं, बल्कि नियमित संचालन और लगातार निगरानी से ही संभव होगा. लोगों को उम्मीद है कि नगर परिषद की निगरानी में प्लांट का सुचारू संचालन जारी रहेगा और कचरे के पहाड़ को धीरे-धीरे समाप्त किया जा सकेगा.
कचरे के पहाड़ से मिलेगी मुक्ति
कचरा प्रोसेसिंग प्लांट का संचालन शुरू होना स्वच्छ और सुंदर दुमका की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है. कचरे का वैज्ञानिक तरीके से नियमित निस्तारण और प्रोसेसिंग होने से कचरे के पहाड़ की समस्या कम होने के साथ आसपास के पर्यावरण और स्वच्छता की स्थिति में भी सुधार की उम्मीद है. बक्शीबांध का यह इलाका लंबे समय से कचरे के पहाड़ के कारण चर्चा में रहा है. अब प्लांट के शुरू होने के बाद इस स्थान की तस्वीर किस हद तक बदलती है, यह इसके नियमित और प्रभावी संचालन पर निर्भर करेगा. फिलहाल, प्लांट शुरू होने से लंबे समय से समस्या झेल रहे बक्शीबांध इलाके के लोगों को कचरे के पहाड़ से मुक्ति की उम्मीद जगी है.
राहत मिलने की उम्मीद
बक्शीबांध इलाके में अस्पताल, नर्सिंग कॉलेज, दर्जनभर शैक्षणिक संस्थान और सैकड़ों व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित हैं. कचरे के अंबार और उससे निकलने वाली दुर्गंध का असर आसपास के लोगों के साथ इन संस्थानों में आने-जाने वाले लोगों पर भी पड़ता रहा है. बताया जाता है कि करीब तीन हजार लोग प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इस कचरे के अंबार से प्रभावित होते रहे हैं. ऐसे में प्लांट के नियमित संचालन और पुराने कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण से इलाके के लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.
