पशुपालक व किसान हैं परेशान, गहराने लगा जल संकट प्रतिनिधि, दलाही ठंड ने अब तक विदाई नहीं ली है और गर्मी ने अभी पूरी तरह से दस्तक भी नहीं दी है. लेकिन मसलिया के प्रखंड के अधिकांश तालाब व कुएं जवाब देने लगे हैं. तालाब के साथ-साथ कुएं के भी सूखने से ग्रामीण इलाके में जलसंकट भी गहराने लगा है. इलाके में जलापूर्ति योजनाओं की धरातल पर क्या स्थिति है. यह किसी से छिपी नहीं है. गर्मी पड़ने के पहले ही लगभग 90 प्रतिशत तालाब सूखने के कगार पर है. तालाब के सूखने से ग्रामीणों को परेशानी तो है ही लेकिन खासकर जंगली जानवर, पालतू पशुओं की परेशानी बढ़ गयी है. सरकार तथा कई समाजसेवी संस्थान जल संरक्षण के प्रति आमजन को जागरूक करने में जुटी है. इसका असर कहीं दिखाई नहीं देता. जागरुकता व मॉनिटरिंग के अभाव में योजनाएं दम तोड़ती नजर आती है. प्रखंड की बासकीडीह पंचायत अंतर्गत मोहलीडीह गांव के परमेश्वर मंडल के अनुसार पहले गांव में 10 से 15 कुएं थे. सभी में पानी सालों भर रहता था. आज नौबत यह है कि एक दो कुएं छोड़कर फरवरी में ही सभी सुख चुके हैं.
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