लंबित कमीशन को लेकर सड़क पर उतरे राशन डीलर : 10 सूत्री मांगों पर धरना

दुमका में पीडीएस डीलरों ने लंबित कमीशन भुगतान और 10 सूत्री मांगों को लेकर धरना दिया. सरकार को चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने पर दुकानें बंद की जाएंगी.

दुमका : वर्षों से लंबित कमीशन के भुगतान समेत 10 सूत्री मांगों को लेकर जनवितरण प्रणाली विक्रेताओं ने मंगलवार को पुराना समाहरणालय परिसर में धरना-प्रदर्शन किया. ऑल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डीलर्स फेडरेशन के बैनर तले आयोजित धरना का नेतृत्व जिला अध्यक्ष सह प्रदेश उपाध्यक्ष सुनील कुमार झा ने किया. तेज बारिश के बावजूद जिले के सभी 10 प्रखंडों से बड़ी संख्या में जनवितरण प्रणाली विक्रेता धरना में शामिल हुए. धरना के बाद विक्रेताओं ने मुख्यमंत्री के नाम 10 सूत्री मांग पत्र उपायुक्त को सौंपकर समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की.

वर्षों से लंबित है कमीशन का भुगतान

धरना को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष सुनील कुमार झा ने कहा कि दुमका जिले में करीब 1050 जनवितरण प्रणाली की दुकानों के माध्यम से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम और मुख्यमंत्री खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत प्रत्येक माह लाखों लाभुकों के बीच चावल, गेहूं, चना दाल और नमक का वितरण किया जा रहा है. राशन कार्डधारियों की ई-केवाईसी कराने से लेकर विभाग की ओर से जारी अन्य सभी निर्देशों का विक्रेता पूरी निष्ठा के साथ पालन कर रहे हैं. इसके बावजूद खाद्यान्न वितरण के एवज में मिलने वाला कमीशन लंबे समय से लंबित है.

आर्थिक संकट से जूझ रहे डीलर

उन्होंने कहा कि कमीशन का भुगतान नहीं होने से जनवितरण प्रणाली विक्रेताओं की आर्थिक स्थिति लगातार खराब होती जा रही है. गरीबों तक सरकारी राशन पहुंचाने की जिम्मेदारी निभाने वाले डीलर स्वयं आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं. बच्चों की पढ़ाई, बुजुर्ग माता-पिता की दवा और परिवार की अन्य जरूरी जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो गया है. आर्थिक तंगी के कारण इलाज नहीं करा पाने से राज्य में कई विक्रेताओं की असमय मौत होने का भी दावा उन्होंने किया.

50 हजार रुपये मासिक आय गारंटी की मांग

सुनील कुमार झा ने कहा कि फेडरेशन की ओर से कई बार विभागीय अधिकारियों और निदेशक के समक्ष समस्याएं रखी गयीं, लेकिन अब तक सिर्फ आश्वासन मिला है. उन्होंने सरकार से लंबित कमीशन का भुगतान कराने के साथ डीलरों के लिए न्यूनतम 50 हजार रुपये मासिक आय गारंटी लागू करने की मांग की.

पेपरलेस व्यवस्था और सर्वर समस्या दूर करने की मांग

विक्रेताओं ने खाद्यान्न आवंटन के साथ कमीशन का अग्रिम भुगतान, जनवितरण प्रणाली को पेपरलेस करने, सर्वर और नेटवर्क की समस्या दूर करने तथा दुकानों तक एक माह पूर्व खाद्यान्न पहुंचाने की मांग की. इसके अलावा ई-केवाईसी समेत अन्य कार्यों के लिए अलग से पारिश्रमिक, सभी विक्रेताओं का 10 लाख रुपये का जीवन बीमा और इलाज के लिए गोल्डन कार्ड उपलब्ध कराने की मांग भी की गयी.

गीता मेटल कंपनी पर कांटा रिपेयरिंग के नाम पर शोषण का आरोप लगाते हुए कंपनी को ब्लैक लिस्ट करने की मांग भी उठायी गयी.

धरना में बड़ी संख्या में विक्रेता रहे मौजूद

कार्यक्रम को जिला महासचिव बजरंग अग्रवाल, जिला उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद साह, तोबियस मुर्मू, नूरी बीबी, जयप्रकाश साह, सलाम अंसारी, मो. सनी, कार्तिक पाल, रमेश मंडल, संजय मल्लिक और मंटू यादव समेत अन्य लोगों ने संबोधित किया. मौके पर जिले के सभी प्रखंडों से आए विक्रेताओं के अलावा स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद थीं.

ये हैं 10 सूत्री मांगें

  • राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत खाद्यान्न आवंटन के साथ ही कमीशन का अग्रिम भुगतान किया जाए.
  • न्यूनतम आय गारंटी के रूप में 50 हजार रुपये लागू किया जाए.
  • केंद्र सरकार के निर्देशानुसार जनवितरण प्रणाली को पेपरलेस किया जाए.
  • गीता मेटल कंपनी द्वारा कांटा रिपेयरिंग के नाम पर डीलरों के शोषण पर रोक लगाई जाए.
  • गीता मेटल कंपनी को ब्लैक लिस्ट किया जाए.
  • पूरे राज्य में सर्वर और नेटवर्क की समस्या का अविलंब निराकरण किया जाए.
  • दुकानों तक एक माह पूर्व खाद्यान्न की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए.
  • ई-केवाईसी सहित अन्य कार्यों के लिए पश्चिम बंगाल की तर्ज पर अलग से पारिश्रमिक दिया जाए.
  • सभी जनवितरण प्रणाली विक्रेताओं का 10 लाख रुपये का जीवन बीमा कराया जाए.
  • जनवितरण प्रणाली विक्रेताओं को इलाज के लिए गोल्डन कार्ड उपलब्ध कराया जाए.

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By Anand Jayswal

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