एनएसएस ने चलाया बाल विवाहमुक्त समाज के लिए जागरुकता अभियान
जागरुकता रैली निकालकर लोगों को बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथा के दुष्परिणामों से अवगत कराया.
संवाददाता, दुमका संताल परगना महिला महाविद्यालय दुमका की राष्ट्रीय सेवा योजना की तीनों इकाइयों ने बाल विवाह मुक्त समाज के उद्देश्य से जागरुकता अभियान चलाया. इस दौरान स्वयंसेविकाओं ने महाविद्यालय परिसर व आसपास के क्षेत्रों में जागरुकता रैली निकालकर लोगों को बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथा के दुष्परिणामों से अवगत कराया. इसका नेतृत्व एनएसएस की कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ महाश्वेता, डॉ उमा भारती एवं डॉ प्रीति प्रिया राय ने किया. इस दौरान स्वयंसेविकाओं ने नारे, पोस्टर और प्रत्यक्ष संवाद के माध्यम से संदेश दिया कि बाल विवाह न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह बच्चों के शारीरिक, मानसिक और शैक्षणिक विकास में भी गंभीर बाधा उत्पन्न करता है. प्राचार्य डॉ बसंत कुमार गुप्ता ने अभियान की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए अत्यंत सार्थक पहल बताया. कहा कि बाल विवाह समाज के समग्र विकास में बड़ी बाधा है. इसे समाप्त करने के लिए युवाओं की सक्रिय भूमिका बेहद आवश्यक है. उन्होंने स्वयंसेविकाओं को समाज में निरंतर जागरुकता फैलाने के लिए प्रेरित किया. कार्यक्रम के अंत में कार्यक्रम पदाधिकारियों ने स्वयंसेविकाओं से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में बाल विवाह के खिलाफ आवाज उठायें. माैके पर पूर्व प्रभारी प्राचार्य डॉ राकेश कुमार मौजूद थे.
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