काठीकुंड से अभिषेक कुमार की रिपोर्ट
Dumka News: झारखंड के दुमका जिले में गंभीर बीमारियों से जूझ रहे जरूरतमंद लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है. काठीकुंड में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दुमका सांसद नलिन सोरेन और जिला परिषद अध्यक्ष जॉयस बेसरा ने संयुक्त रूप से 11 लाभुकों के बीच चिकित्सा सहायता राशि का वितरण किया. इस पहल से गरीब और असहाय मरीजों को इलाज में बड़ी मदद मिलेगी.
मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी योजना से मिली सहायता
यह आर्थिक मदद झारखंड सरकार की मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी सहायता योजना के अंतर्गत दी गई. सभी 11 लाभुकों को 30-30 हजार रुपये का चेक प्रदान किया गया, जिससे कुल 3.30 लाख रुपये की सहायता वितरित की गई. इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को गंभीर बीमारी के इलाज के लिए समय पर आर्थिक सहयोग देना है.
विधायक की अनुशंसा पर मिला लाभ
इस सहायता वितरण में शिकारीपाड़ा विधायक आलोक कुमार सोरेन की अहम भूमिका रही. उनकी अनुशंसा पर काठीकुंड प्रखंड और आसपास के क्षेत्रों के कई जरूरतमंदों को इस योजना का लाभ मिला. इससे यह साफ होता है कि जनप्रतिनिधियों के सहयोग से योजनाओं का लाभ तेजी से लोगों तक पहुंच रहा है.
किन-किन को मिला फायदा
इस योजना के तहत काठीकुंड बाजार की जरीना बीबी, बड़तल्ला के अशरफ अली, कर्णपुरा की निर्मला मुर्मू, तकरारपुर के मोहम्मद अंसारी और तेलगानी की प्रमिला कुमारी को सहायता राशि दी गई. इसके अलावा रामविलास हेम्ब्रम, अर्चना देवी, जयधन सोरेन, मीरू टुडू, मकु किस्कू और तमीना बीबी को भी इस योजना का लाभ मिला.
क्या कहते हैं सांसद नलिन सोरेन
कार्यक्रम के दौरान सांसद नलिन सोरेन ने कहा कि यह योजना राज्य सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जो गरीब और गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों के लिए संजीवनी साबित हो रही है. उन्होंने कहा कि आगे भी अधिक से अधिक पात्र लोगों को इस योजना का लाभ दिलाने के लिए प्रयास जारी रहेंगे.
जिला परिषद अध्यक्ष ने बताया ‘वरदान’
जिला परिषद अध्यक्ष जॉयस बेसरा ने इस योजना को गरीबों के लिए वरदान बताया. उन्होंने कहा कि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के समन्वय से जरूरतमंद लोगों की पहचान कर उन्हें समय पर सहायता उपलब्ध कराना प्राथमिकता है. इससे कोई भी व्यक्ति इलाज के अभाव में परेशान नहीं होगा.
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गरीब मरीजों के लिए बनी सहारा
यह पहल उन परिवारों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, जो आर्थिक तंगी के कारण इलाज नहीं करा पाते. समय पर मिली यह सहायता न सिर्फ मरीजों के इलाज में मदद करेगी, बल्कि उनके परिवारों को भी मानसिक और आर्थिक राहत देगी.
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