दुमका कोर्ट. रामगढ़ थाना क्षेत्र के महुबना गांव के दो परिवारों में आपसी वर्चस्व को लेकर लगातार लड़ाई झगड़ा होते रहता था. इन दोनों परिवार के बीच आपसी लड़ाई से जुड़े आधा दर्जन केस न्यायालय तक पहुंचे हुए थे. जब न्यायालय में देखा गया कि इन दोनों परिवारों के बीच छह केस न्यायिक दंडाधिकारी जावेद खान के न्यायालय में लंबित हैं, तो न्यायिक दंडाधिकारी श्री खान ने दोनों पक्ष के अधिवक्ताओं से कहा कि वे अपने-अपने क्लाइंट को समझाएं. उन्होंने दोनों पक्षकार को बुलाकर भी समझाया कि इस मारपीट के केस से उन्हें क्या हासिल होगा? दोनों पक्ष एक-दूसरे के खिलाफ तीन-तीन केस किए हुए थे. इसलिए उन्होंने दोनों पक्ष को मध्यस्थता करने की सलाह दी. कहा कि सुलह होने पर दोनों पक्ष की जीत होती है. इसके बाद दोनों पक्ष मध्यस्थता के बाद सुलह को राजी हो ग़ये. यह बता दें कि महुबना गांव के ओमप्रकाश मांझी, उनका बेटा अभिषेक वैद्य व उनकी पत्नी नीता देवी ने विपक्षी के खिलाफ केस किया था. वहीं दूसरे पक्षकार हेमलाल मांझी, उनकी पत्नी रूपा देवी व नरेंद्र माझी ने भी न्यायालय में प्रथम पक्ष के खिलाफ रामगढ़ थाना में केस दर्ज कराया था. दोनों पक्ष से जुड़े रामगढ़ कांड संख्या 16/19, 94/16, 17/17, 18/17 व 55/20 से संबंधित सारे मामले खत्म हो गये. वहीं दोनों पक्षकार भी काफी खुश थे क्योंकि दोनों पक्षकार भी चाहते थे कि मामले का निष्पादन जल्द हो. न्यायिक दंडाधिकारी जावेद खान की पहल के बाद दोनों पक्षों के बीच सुलह हो पायी. आठ साल से दोनों के बीच चल रहे केस-मुकदमे से न केवल पक्षकार तनाव में थे, वरन रिश्तों में कड़वाहट थी और केस-मुकदमे में होने वाले मानसिक-शारीरिक व आर्थिक परेशानी से भी परेशान रहते थे. इन सारी समस्याओं से दोनों पक्षकार को राहत मिल गयी है.
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