दो साल से फरार था नाबालिग से दुष्कर्म का आरोपी, इंस्टाग्राम ने कर दी चुगली तो हुआ गिरफ्तार

Dumka News: दुमका के मसलिया थाना पुलिस ने दो साल से फरार पॉक्सो एक्ट के आरोपी उस्मान शेख को पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले से गिरफ्तार किया. मोबाइल सिम का इस्तेमाल नहीं करने वाले आरोपी तक पुलिस तकनीकी सेल और इंस्टाग्राम से मिले सुरागों के आधार पर पहुंची और उसे जेल भेजा. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

दुमका के मसलिया से मिलन साधु की रिपोर्ट

Dumka News: झारखंड के दुमका जिले की मसलिया थाना पुलिस ने दो वर्षों से फरार चल रहे पॉक्सो एक्ट के आरोपी को पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले से गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है. गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी लगातार ठिकाना बदल रहा था और मोबाइल सिम का इस्तेमाल भी नहीं करता था, लेकिन सोशल मीडिया पर छोड़े गए निशानों ने आखिरकार उसे पुलिस तक पहुंचा दिया. तकनीक से बचने की कोशिश करने वाले कई लोग यह भूल जाते हैं कि इंटरनेट की दुनिया में कभी-कभी तस्वीरें और गतिविधियां भी गवाही देने लगती हैं.

नाबालिग से दुष्कर्म और अपहरण का दर्ज हुआ था केस

मसलिया थाना में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान डीएसपी संदीप भगत ने बताया कि थाना क्षेत्र की एक नाबालिग पीड़िता से दुष्कर्म और अपहरण के मामले में आरोपी उस्मान शेख पिछले लगभग दो वर्षों से फरार था. उसके खिलाफ मसलिया थाना कांड संख्या 32/24, दिनांक 23 जून 2024 के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 354, 363, 366(ए), 308 तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 8/17 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी. मामला दर्ज होने के बाद से ही पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी, लेकिन आरोपी लगातार अपना ठिकाना बदलकर गिरफ्तारी से बचने का प्रयास कर रहा था.

सिम कार्ड का इस्तेमाल नहीं करता था आरोपी

डीएसपी संदीप भगत ने बताया कि आरोपी पुलिस की निगरानी से बचने के लिए मोबाइल में सिम कार्ड नहीं रखता था. वह अधिकतर समय अपने घर से बाहर रहकर अलग-अलग स्थानों पर शरण लेता था. इस कारण पुलिस के लिए उसकी लोकेशन का पता लगाना चुनौतीपूर्ण हो गया था. हालांकि मसलिया पुलिस ने हार नहीं मानी और लगातार उसके बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास जारी रखा. इसके लिए तकनीकी सेल की भी मदद ली गई.

इंस्टाग्राम से मिला महत्वपूर्ण सुराग

पुलिस जांच के दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के माध्यम से आरोपी की गतिविधियों और संभावित ठिकानों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आईं. तकनीकी सेल ने सोशल मीडिया से प्राप्त इनपुट का विश्लेषण किया और उसके आधार पर आगे की रणनीति तैयार की. जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के पायकर थाना क्षेत्र में अपने रिश्तेदारों के यहां आना-जाना करता है. इसके बाद पुलिस ने वहां लगातार निगरानी शुरू कर दी.

तीन दिनों तक चला छापेमारी अभियान

थाना प्रभारी राजेश रंजन के नेतृत्व में पुलिस टीम ने पश्चिम बंगाल में लगातार तीन दिनों तक छापेमारी अभियान चलाया. पुलिस ने बेहद सूझबूझ और रणनीतिक तरीके से कार्रवाई करते हुए आरोपी तक पहुंच बनाई. आखिरकार पुलिस ने बीरभूम जिले के अमुदा गांव स्थित उसकी फुआ (बुआ) के घर से आरोपी उस्मान शेख को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार आरोपी मूल रूप से पायकर थाना क्षेत्र के मूलचंदपुर गांव का रहने वाला है.

गिरफ्तारी के बाद भेजा गया जेल

गिरफ्तारी के बाद आरोपी को विधिवत न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. डीएसपी संदीप भगत ने कहा कि बच्चों और महिलाओं से जुड़े अपराधों के मामलों में पुलिस पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई कर रही है. उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के दायरे में लाकर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.

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इन अधिकारियों की रही अहम भूमिका

इस गिरफ्तारी अभियान में मसलिया थाना प्रभारी राजेश रंजन, एएसआई मंगल उरांव, इंद्रजीत कुमार, तकनीकी सेल के अधिकारियों तथा अन्य पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही. पुलिस अधिकारियों ने इसे टीमवर्क और तकनीकी जांच का बेहतर उदाहरण बताया है, जिसके जरिए दो वर्षों से फरार आरोपी को आखिरकार कानून के शिकंजे में लाया जा सका.

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Published by: KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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