प्रतिनिधि, बासुकिनाथ. श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर शुक्रवार को बाबा फौजदारीनाथ के दरबार में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा. अहले सुबह पुरोहित पूजा के बाद करीब चार बजे जलार्पण शुरू होते ही कांवरियों और श्रद्धालुओं की कतार बढ़ती चली गयी. हाथों में पवित्र गंगाजल लिये कांवरिये बाबा फौजदारीनाथ के दरबार पहुंचे और जलार्पण कर सुख, शांति व समृद्धि की कामना की. दिनभर मंदिर परिसर बोल बम और हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजता रहा.
जन्माष्टमी पर पूरा बासुकिनाथ धाम केसरिया रंग में रंगा नजर आया. लाल, पीले और केसरिया वस्त्र पहने कांवरियों का जत्था लगातार मंदिर की ओर बढ़ता रहा. सरकारी पूजा संपन्न होने के बाद गर्भगृह में जलार्पण का सिलसिला शुरू हुआ, जो दिनभर जारी रहा. मंदिर प्रांगण के अलावा शिवगंगा घाट और मेला क्षेत्र में भी श्रद्धालुओं की भीड़ बनी रही.
जलार्पण के लिए लंबी हुई कांवरियों की कतार
अहले सुबह जलार्पण शुरू होते ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की कतार लंबी होने लगी. कतार संस्कार मंडप, फलाहारी धर्मशाला, क्यू कॉम्प्लेक्स होते हुए शिवगंगा पीड़ तक पहुंच गयी. हाथों में गंगाजल और जुबान पर बोल बम व हर-हर महादेव का जयघोष लिये कांवरिये अपनी बारी का इंतजार करते रहे.
भीड़ के बीच व्यवस्थित तरीके से कराया गया जलार्पण
जन्माष्टमी पर संभावित भीड़ को देखते हुए प्रशासन की ओर से पहले ही व्यापक इंतजाम किये गये थे. मंदिर परिसर में तैनात अधिकारी और सुरक्षाकर्मी लगातार व्यवस्था पर नजर रखे रहे. श्रद्धालुओं को कतारबद्ध तरीके से गर्भगृह की ओर भेजा गया. भीड़ अधिक होने के बावजूद जलार्पण की व्यवस्था शांतिपूर्ण और नियंत्रित तरीके से चलती रही. मेला क्षेत्र में अधिकारियों की टीम लगातार निगरानी करती रही.
षोडशोपचार पूजा के बाद श्रद्धालुओं ने की स्पर्श पूजा
बाबा फौजदारीनाथ के दरबार में दिनभर धार्मिक अनुष्ठानों का दौर चलता रहा. वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच पंडितों ने षोडशोपचार विधि से पूजा-अर्चना करायी. श्रद्धालुओं ने स्पर्श पूजा कर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद लिया. शिवलिंग पर धतूरा, भांग, बेलपत्र, गंगाजल, अक्षत, फूल, फल, शहद, दूध और दही अर्पित कर आरती की गयी. भक्तों ने बाबा से सुख, शांति और समृद्धि की कामना की.
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शिवगंगा में डुबकी, फिर बाबा के दरबार में हाजिरी
पवित्र शिवगंगा में स्नान के लिए भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी. कांवरियों ने आस्था की डुबकी लगाने के बाद हाथों में गंगाजल लिया और बाबा फौजदारीनाथ के दर्शन व जलार्पण के लिए कतार में शामिल हो गये. स्नान के बाद बोल बम और हर-हर महादेव का जयघोष करते हुए कांवरिये मंदिर की ओर बढ़ते रहे. पूरे दिन बासुकिनाथ धाम में भक्ति और उल्लास का माहौल बना रहा.
300 रुपये में शीघ्रदर्शनम, श्रद्धालुओं को मिला सुलभ जलार्पण
भीड़ के बीच श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन और जलार्पण की सुविधा देने के लिए शीघ्रदर्शनम की व्यवस्था भी जारी रही. श्रद्धालुओं ने मंदिर कार्यालय से 300 रुपये का शीघ्रदर्शनम टोकन प्राप्त कर अपेक्षाकृत सुलभ तरीके से बाबा फौजदारीनाथ का दर्शन और जलार्पण किया.
