काठीकुंड में वन महोत्सव: विधायक आलोक सोरेन ने लगाए पौधे,ग्रामीणों को बांटी सोलर लाइट और चूल्हे

काठीकुंड में वन महोत्सव के दौरान विधायक आलोक सोरेन ने पौधारोपण किया और ग्रामीणों को पर्यावरण संरक्षण के लिए सोलर लाइट व स्मोकलेस चूल्हे बांटे. कार्यक्रम में वन और पर्यावरण के महत्व पर जोर दिया गया.

प्रतिनिधि, काठीकुंड: दुमका वन प्रमंडल के दामिन प्रक्षेत्र, काठीकुंड अंतर्गत प्रोजेक्ट उच्च विद्यालय, नारगंज में मंगलवार को वन महोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में शिकारीपाड़ा विधानसभा क्षेत्र के विधायक आलोक सोरेन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. वन विभाग के पदाधिकारी-कर्मचारियों के साथ विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं कार्यक्रम में मौजूद रहे.

कार्यक्रम की शुरुआत दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर की गई. इसके बाद विद्यालय परिसर में पौधरोपण किया गया. विधायक आलोक सोरेन समेत वन विभाग के पदाधिकारियों और अन्य लोगों ने पौधे लगाए तथा उनके संरक्षण का संकल्प लिया.

विधायक बोले- पौधा लगाना ही नहीं, उसे बचाना भी जरूरी

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक आलोक सोरेन ने कहा कि स्वस्थ पर्यावरण के लिए अधिक से अधिक पौधरोपण जरूरी है, लेकिन लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और सुरक्षा उससे भी अधिक महत्वपूर्ण है.

उन्होंने कहा कि वन और पर्यावरण का संरक्षण केवल वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं है. समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी से ही पर्यावरण संरक्षण का अभियान सफल हो सकता है. उन्होंने लोगों से पर्यावरण संरक्षण के कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने और आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित वातावरण तैयार करने की अपील की.

वन क्षेत्र पदाधिकारी ने जंगल बचाने में ग्रामीणों से मांगा सहयोग

वन क्षेत्र पदाधिकारी एल.आर. रवि ने कहा कि पौधरोपण तभी सार्थक होगा, जब लगाए गए पौधों को पेड़ बनने तक सुरक्षित रखा जाए.

उन्होंने कहा कि जंगल ऑक्सीजन, जल संरक्षण, जैव विविधता और पर्यावरणीय संतुलन का महत्वपूर्ण आधार हैं. ग्रामीणों और छात्र-छात्राओं से अपने आसपास अधिक से अधिक पौधे लगाने के साथ उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी लेने की अपील की गई.

उन्होंने जंगलों को आग, अवैध कटाई और अनावश्यक दोहन से बचाने के लिए ग्रामीणों के सहयोग को बेहद जरूरी बताया.

ग्रामीणों और ईको विकास समिति को मिले सोलर लाइट और स्मोकलेस चूल्हे

वन विभाग की ओर से कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों और ईको विकास समिति के सदस्यों को पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए सोलर लाइट और स्मोकलेस चूल्हे प्रदान किए गए.

वन विभाग के अनुसार, इन संसाधनों के वितरण का उद्देश्य ग्रामीणों को पर्यावरण अनुकूल साधनों के इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित करना और ईंधन के लिए जंगलों पर पड़ने वाले दबाव को कम करना है.

यह भी पढ़े:

JPSC-JSSC नियुक्तियों पर बाबूलाल मरांडी का बड़ा बयान, CBI जांच नहीं तो जेल भरो आंदोलन

विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

कार्यक्रम में वन संरक्षण, अवैध कटाई पर रोक, पौधों की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण में सामुदायिक भागीदारी जैसे विषयों पर चर्चा की गई.

छात्र-छात्राओं को प्रकृति और पर्यावरण के महत्व की जानकारी देते हुए अपने आसपास अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल के लिए प्रेरित किया गया.

मौके पर प्रभारी वनपाल साकेत कश्यप, अरुण कुमार, रुपेश रंजन, जेएमएम प्रखंड अध्यक्ष अब्दुल जब्बार अंसारी, संदीप सोरेन, संतोष सेन समेत वन विभाग के पदाधिकारी, कर्मचारी, शिक्षक और अन्य लोग मौजूद रहे.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Abhishek

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >