झारखंड : लॉकडाउन के दौरान दुमका में हुए गैंगरेप मामले में सात गिरफ्तार, दो सगे भाई भी आरोपियों में शामिल

Jharkhand Seven arrested in gang rape case in Dumka during lockdown : झारखंड के दुमका जिले के गोपीकंदर थाना क्षेत्र में एक किशोरी के साथ लॉकडाउन के दौरान हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.

दुमका : झारखंड के दुमका जिले के गोपीकंदर थाना क्षेत्र में एक किशोरी के साथ लॉकडाउन के दौरान हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. सभी को हिरासत में लेकर जेल भेजे जाने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए मंगलवार को न्यायालय में पेश किया गया. सात में से दो आरोपी नाबालिग बताये जा रहे हैं.

प्राप्त जानकारी के मुताबिक 24 मार्च को दुमका से उक्त किशोरी अपनी दो सहेलियों के साथ स्कूटी पर सवार होकर लॉकडाउन में गांव जाने के लिए निकली थी. दोनों सहेलियां उसे गोपीकांदर के कारुडीह मोड़ के पास उतारकर पाकुड़ की ओर चली गई थी. यहां से गांव दूर था, लिहाजा यहां किशोरी शाम 4:30 बजे तक अपने घर वालों का इंतजार करती रही, लेकिन जब घरवाले नहीं आये तो पीड़िता बगल के गांव गढ़ियापानी चली गई थी और वहां से उसने अपने बॉयफ्रेंड को बुलाकर घर तक छोड़ने का आग्रह किया था.

उसका बॉयफ्रेंड अपने एक अन्य दोस्त को लेकर वहां तक पहुंचा और जंगल के रास्ते उसे बाइक पर बैठाकर गांव तक पहुंचाने के लिए निकला, लेकिन सुनसान इलाके में पहुंचकर उसके बॉयफ्रेंड तथा उसके एक अन्य साथी ने पहले उसके साथ दुष्कर्म किया. बाद में पांच अन्य लड़के वहां पहुंच गए और सब ने बारी-बारी से उसके साथ बलात्कार किया. जिसके बाद लड़की बेहोश हो गयी, तो वे लोग उसे मरा हुआ समझकर वहां से भाग गये थे. रात गुजरने के बाद दूसरे दिन वह जंगल से बाहर रेंगते हुए रोड तक पहुंची और गांव के लोगों ने उसके परिजनों को सूचित किया.

मामले की जांच के लिए एसपी ने एक एसआईटी का गठन किया था जिसके बाद कांड का उद्‌भेदन हुआ और पांच दिनों के अंदर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया. जानकारी के मुताबिक सात आरोपियों में से दो सगे भाई हैं तो दो चचेरे. एक का तो भाई भी दो महीने पहले ही दुष्कर्म के मामले में जेल गया है.

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By Rajneesh anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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