मां की मौत ने छीन ली 12 साल की ममता के बचपन की छांव

35 वर्षीय पकलू हेंब्रम की अचानक तबीयत बिगड़ने से घर पर ही मौत हो गयी. बताया जाता है कि करीब एक वर्ष पूर्व ममता के पिता बाबू टुडू का भी निधन हो चुका था.

By ANAND JASWAL | January 12, 2026 7:56 PM

दुखद. नानी की बहन बनी अनाथ बच्ची का सहारा, परवरिश का उठाया बीड़ाएक वर्ष पहले पिता की हो गयी थी मौत, मजदूर कर परिवार चलाती थी मां

प्रतिनिधि, मसलियामां की ममता की छांव सिर से उठते ही 12 वर्षीय ममता टुडू का बचपन मानो एक ही पल में उजड़ गया, जिस उम्र में हाथों में किताबें और आंखों में सपने होने चाहिए थे, उसी उम्र में वह जीवन की त्रासदी से रू-ब-रू हो गयी. भंगाहीड़ गांव में रविवार को मां की अचानक हुई मौत ने ममता को पूरी तरह अनाथ कर दिया. ग्रामीणों को शोक में डुबो दिया. 35 वर्षीय पकलू हेंब्रम की अचानक तबीयत बिगड़ने से घर पर ही मौत हो गयी. बताया जाता है कि करीब एक वर्ष पूर्व ममता के पिता बाबू टुडू का भी निधन हो चुका था. पिता की मौत के बाद मां ही किसी तरह मेहनत-मजदूरी कर बेटी का पालन-पोषण कर रही थी. अब मां के चले जाने के बाद ममता पूरी तरह बेसहारा हो गयी है. ममता का पैतृक घर गढ़द्वारा है, जबकि उसके पिता भंगाहीड़ गांव में घर जमाई के रूप में रहते थे. नानी ठकुराइन मुर्मू की भी करीब डेढ़ वर्ष पूर्व मृत्यु हो चुकी है. घटना के बाद घर में कोहराम मच गया और गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया.

नानी की बहन बनीं ममता की सहारा

इस दुखद खबर के फैलते ही मसलिया क्षेत्र के बेहड़ाबांक गांव निवासी ममता की नानी की बहन प्रमिला मुर्मू अपने पति बेंजामिन हांसदा के साथ भंगाहीड़ पहुंचीं. ग्रामीणों की मौजूदगी में पकलू हेंब्रम का अंतिम संस्कार कराया. इसके बाद प्रमिला मुर्मू ममता को अपने साथ बेहड़ाबांक ले गईं. रिश्ते में नाना बेंजामिन हांसदा ने भावुक होते हुए कहा कि उनकी अपनी कोई बेटी नहीं है. ममता को मैं अपनी बेटी की तरह पालूंगा, उसकी पढ़ाई और भविष्य की पूरी जिम्मेदारी मेरी होगी.

बीडीओ व मुखिया ने दी सहायता राशि

घटना की जानकारी पंचायत प्रतिनिधियों ने बीडीओ तक पहुंचायी. बीडीओ मो अजफर हसनैन के निर्देश पर मुखिया लुगनी मुर्मू ने ममता को कंबल व आर्थिक सहायता प्रदान की. वहीं संबंधित जन वितरण प्रणाली के डीलर द्वारा चावल एवं अन्य खाद्य सामग्री भी उपलब्ध करायी गयी. ममता उत्क्रमित मध्य विद्यालय भंगाहीड़ में कक्षा छह की छात्रा है. मुखिया लुगनी मुर्मू ने बताया कि सभी आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी कर बच्ची को राज्य सरकार की वात्सल्य योजना से जोड़ा जायेगा, ताकि उसके भरण-पोषण और शिक्षा में नियमित सहयोग मिल सके.

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