2G से 4G होने के बाद भी नहीं सुधरी राशन वितरण व्यवस्था
ई-पॉस मशीन अपग्रेड के बावजूद उपभोक्ताओं की परेशानी बरकरार. फिंगरप्रिंट फेल, ओटीपी के सहारे किसी तरह हो रहा वितरण.
हंसडीहा. सरकार द्वारा जनवितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुचारू बनाने के उद्देश्य से ई-पॉस मशीनों को 2G नेटवर्क से हटाकर 4G नेटवर्क पर अपग्रेड किया गया था. दावा किया गया था कि इससे नेटवर्क संबंधी समस्याएं दूर होंगी और लाभुकों को आसानी से राशन मिल सकेगा. हालांकि, जमीनी स्तर पर स्थिति इसके उलट नजर आ रही है. दुमका जिले के सरैयाहाट प्रखंड के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में 4G नेटवर्क की कमजोर स्थिति के कारण ई-पॉस मशीनें बार-बार सर्वर से कनेक्ट नहीं हो पा रही हैं. नेटवर्क फेल रहने की वजह से उपभोक्ताओं को घंटों राशन दुकानों के बाहर कतार में खड़ा रहना पड़ रहा है. कई बार अंगूठा लगाने के बावजूद ट्रांजैक्शन पूरा नहीं हो पाता, जिससे लाभुकों को बिना राशन लौटना पड़ता है. मजबूरी में कभी-कभार ओटीपी के माध्यम से कुछ ही उपभोक्ताओं को राशन मिल पा रहा है. जनवितरण प्रणाली के दुकानदारों का कहना है कि पहले 2G नेटवर्क में भी किसी तरह काम चल जाता था, लेकिन अब 4G के नाम पर परेशानी और बढ़ गयी है. नेटवर्क स्लो या पूरी तरह गायब रहने की स्थिति में दिनभर में गिने-चुने उपभोक्ताओं को ही राशन दिया जा पा रहा है. कई दुकानों पर आधे घंटे में सिर्फ एक उपभोक्ता का ही बायोमीट्रिक सत्यापन हो पा रहा है. दुकानदारों ने बताया कि बीते वर्ष 31 दिसंबर को सरैयाहाट प्रखंड कार्यालय से करीब 143 पीडीएस दुकानदारों के बीच 4G ई-पॉस मशीनों का वितरण किया गया था. नयी मशीन मिलने के बाद दुकानदारों और कार्डधारियों में उम्मीद जगी थी कि अब राशन वितरण व्यवस्था तेज और सुचारू होगी, लेकिन तकनीकी खामियों के कारण स्थिति और भी बदतर हो गयी है. वहीं उपभोक्ताओं का आरोप है कि बार-बार राशन दुकान का चक्कर लगाने के बावजूद समय पर राशन नहीं मिल पा रहा है. स्थानीय लोगों की मांग है कि या तो क्षेत्र में मजबूत और स्थायी नेटवर्क व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, या फिर ऑफलाइन राशन वितरण की वैकल्पिक व्यवस्था लागू की जाए, ताकि गरीब और जरूरतमंद लाभुकों को परेशानी से राहत मिल सके. इस संबंध में अंचलाधिकारी सह प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी राहुल कुमार शानू ने बताया कि कई क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या की जानकारी मिली है. इस बारे में वरीय अधिकारियों को अवगत कराया गया है और सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं.
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