दुमका : दुमका के इंडोर स्टेडियम में शुक्रवार को जनजातीय शिल्पकार पंजीकरण मेला (TAeM) आयोजित किया गया. जनजातीय सहकारी विपणन विकास संघ (TRIFED) की ओर से आयोजित मेले का उद्घाटन उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने किया. मेले में जिले के 55 जनजातीय शिल्पकारों ने अपने पारंपरिक उत्पादों का प्रदर्शन किया.
पंजीकरण से बाजार तक मिलेगा अवसर
उपायुक्त ने कहा कि TAeM दुमका के शिल्पकारों के लिए अपने उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है. TRIFED के माध्यम से शिल्पकारों को पंजीकरण, एम्पैनलमेंट, बाजार संपर्क और उत्पादों के विपणन के अवसर मिलेंगे. प्रशासन का प्रयास है कि स्थानीय जनजातीय उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिले और इसका सीधा लाभ शिल्पकारों को मिले.
स्थानीय उत्पादों के लिए खुलेगा स्टोर
उपायुक्त ने कहा कि दुमका में स्थानीय जनजातीय उत्पादों की बिक्री के लिए स्टोर खोलने की योजना पर भी काम किया जा रहा है. हाल में जिले के चार उत्पादों को जीआइ टैग मिलना गौरव की बात है. तसर उत्पादों के लिए भी विभिन्न स्तरों पर काम किया जा रहा है. डोकरा कला और जादोपटिया चित्रकला जैसे पारंपरिक शिल्प को बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं. जल्द ही दुमका में क्लस्टर मार्ट का निर्माण किया जाएगा.
तसर से जादोपटिया तक दिखी शिल्प की झलक
मेले में तसर सिल्क, बांस और केन, जैविक एवं प्राकृतिक उत्पाद, जादोपटिया चित्रकला, जूट, पारंपरिक धातु शिल्प, जनजातीय आभूषण, हस्तनिर्मित फूल व सजावटी सामग्री, पारंपरिक खिलौने, वस्त्र और परिधान समेत कई उत्पाद प्रदर्शित किए गए.
मेले में शिल्पकारों को TRIFED के माध्यम से पंजीकरण और एम्पैनलमेंट, बाजार संपर्क तथा विपणन की संभावनाओं की जानकारी दी गयी. आयोजन के जरिए दुमका की पारंपरिक कला, शिल्प और स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के साथ शिल्पकारों की आजीविका मजबूत करने की पहल की गयी.
