संवाददाता, दुमका: साहित्य और संस्कृति की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से पंकज-गोष्ठी न्यास के तत्वावधान में 26 सितंबर को आचार्य ज्योतिन्द्र प्रसाद झा 'पंकज' स्मृति महोत्सव का आयोजन किया जाएगा. शिवपहाड़ स्थित पंकज भवन में होने वाले इस आयोजन में साहित्य, संस्कृति और सृजन का संगम देखने को मिलेगा.
आचार्य पंकज की 49वीं पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित महोत्सव में दो महत्वपूर्ण पुस्तकों का लोकार्पण, परिचर्चा, स्मृति पुरस्कारों का वितरण, साहित्य सम्मान और कवि सम्मेलन मुख्य आकर्षण होंगे.
दो महत्वपूर्ण पुस्तकों का होगा लोकार्पण
महोत्सव का पहला सत्र अपराह्न 3:30 बजे से 5:30 बजे तक आयोजित होगा. इस दौरान दो महत्वपूर्ण पुस्तकों का लोकार्पण किया जाएगा.
इनमें 'इतिहास के वातायन से: पंकज-गोष्ठी, खैराबेमू और आचार्य ज्योतिन्द्र प्रसाद झा 'पंकज'' तथा 'सांस्कृतिक राजनय के अग्रदूत: आचार्य ज्योतिन्द्र प्रसाद झा 'पंकज'' शामिल हैं.
लोकार्पण के बाद दोनों पुस्तकों पर परिचर्चा होगी. इसमें आचार्य पंकज के साहित्यिक योगदान, सांस्कृतिक अवदान और रचनात्मक व्यक्तित्व के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की जाएगी.
दो स्मृति पुरस्कारों का होगा वितरण
पहले सत्र में डॉ. नंद किशोर झा स्मृति पुरस्कार और शक्ति देवी स्मृति पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे.
इसके साथ ही 'आचार्य ज्योतिन्द्र प्रसाद झा पंकज राष्ट्रीय साहित्य सम्मान' से सुप्रसिद्ध गीतकार शंभुनाथ मिस्त्री और वरिष्ठ पत्रकार-कवि यूएस आनंद को सम्मानित किया जाएगा.
गीत, गजल और कविता से सजेगी शाम
महोत्सव का दूसरा सत्र शाम 5:30 बजे से 7:30 बजे तक चलेगा. इसमें दुमका के वरिष्ठ और युवा कवि अपनी रचनाओं की प्रस्तुति देंगे.
कवि सम्मेलन में समकालीन संवेदनाओं, जीवन के अनुभवों और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी गीत, गजल और कविताएं सुनने को मिलेंगी. साहित्य प्रेमियों के लिए यह सत्र रचनात्मक प्रस्तुतियों से भरपूर होगा.
साहित्य और संस्कृति का दिखेगा संगम
आचार्य पंकज की स्मृति में आयोजित यह महोत्सव दुमका की साहित्यिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को एक मंच देगा. पुस्तक विमोचन, परिचर्चा, सम्मान समारोह और कवि सम्मेलन के जरिए आयोजन में साहित्य की विभिन्न विधाओं और रचनात्मक अभिव्यक्तियों के कई रंग देखने-सुनने को मिलेंगे.
