दामिन-इ-कोह क्षेत्र के पुनः सीमांकन की मांग, पहाड़िया सेवा समिति की बैठक में आंदोलन की चेतावनी

पहाड़िया सेवा समिति ने दामिन-इ-कोह क्षेत्र के पुनः सीमांकन की मांग की है। सरकार से मांग पूरी न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी गई है। पूरी खबर पढ़ें।

प्रतिनिधि, गोपीकांदर

पहाड़िया सेवा समिति के बैनर तले सोमवार को गोपीकांदर प्रखंड के सीमावर्ती क्षेत्र बबईखोड़ा-कल्याणपुर सीमा पर आदिम जनजाति पहाड़िया समुदाय की बैठक आयोजित की गयी. बैठक में दुमका, शिकारीपाड़ा, गोपीकांदर और काठीकुंड प्रखंड के सैकड़ों गांवों से बड़ी संख्या में पहाड़िया समुदाय के लोग शामिल हुए. बैठक को संबोधित करते हुए पहाड़िया सेवा समिति के केंद्रीय अध्यक्ष रमेश देहरी ने कहा कि पहाड़िया राजा दिग्विजय सिंह द्वारा दामिन-इ-को क्षेत्र का सीमांकन कराया गया था, जो वर्तमान समय में केवल सरकारी नक्शों और अभिलेखों तक सीमित रह गया है. उन्होंने कहा कि उस समय सीमा चिह्नित करने के लिए विभिन्न स्थानों पर ताल के पेड़ लगाए गए थे. अब सरकार और प्रशासन को पुनः ताल के पेड़ लगाकर दामिन-इ-को क्षेत्र का सीमांकन कराना चाहिए. उन्होंने बताया कि इस मांग को लेकर मुख्यमंत्री, संताल परगना आयुक्त, जिला उपायुक्त समेत सरकार के विभिन्न विभागों को ज्ञापन भेजा जाएगा और पुनः सीमांकन कराने का आग्रह किया जाएगा. समिति के केंद्रीय उपाध्यक्ष दुर्गा देहरी ने कहा कि सीमांकन के मुद्दे पर पूरे संताल परगना के पहाड़िया समुदाय के लोग एकजुट होकर अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाएंगे. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस दिशा में पहल नहीं की तो पहाड़िया सेवा समिति के बैनर तले विभिन्न स्थानों पर आंदोलन किया जाएगा. बैठक में पहाड़िया सेवा समिति के केंद्रीय अध्यक्ष रमेश देहरी, केंद्रीय उपाध्यक्ष दुर्गा देहरी, सालहदहा डाक बंगला दिनू देहरी, मसनिया डाक बंगला सरदार लखनलाल देहरी, बैजनाथ देहरी, दशरथ सिंह, संजय देहरी, दिनू देहरी, मुन्ना देहरी, किशन देहरी, सुभाष टेन देहरी, सुनील कुमार सिंह, हरेंद्र देहरी, लखन देहरी सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे. फोटो कैप्शन : गोपीकांदर के बबईखोड़ा-कल्याणपुर सीमा क्षेत्र में आयोजित पहाड़िया सेवा समिति की बैठक में उपस्थित आदिम जनजाति समुदाय के लोग.


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Author: Prabhat khabar news desk

Published by: Priya Gupta

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