बच्चों ने रोका बालू लोड ट्रैक्टर, कहा खराब सड़क से स्कूल जाना मुश्किल

बच्चों ने रोका बालू लोड ट्रैक्टर, कहा खराब सड़क से स्कूल जाना मुश्किल

चलने लायक भी नहीं है रास्ता और ट्रैक्टर ने बिगाड़े रास्ते की सूरत एनजीटी के रोक के बावजूद धड़ल्ले से हो रही बालू की ढुलाई प्रतिनिधि, रानीश्वर. रानीश्वर प्रखंड स्थित पाथरा मोड़ के समीप वेस्टर्न इंग्लिश स्कूल के मासूम बच्चों ने अपने बुनियादी हक सड़क के लिए अपनी आवाज बुलंद की. बुधवार को जो दृश्य सामने आया, उसने न केवल बाल मन की दृढ़ता और चेतना को भी सामने रखा, बल्कि प्रशासनिक उदासीनता से शिक्षा में आने वाली बाधाएं भी उजागर कीं. बारिश और अवैध बालू ढुलाई से बदहाल हो चुकी सड़क से गुजर रहे बालू लदे ट्रैक्टर को रोककर स्कूल के नन्हे-मुन्ने छात्रों ने अपना विरोध जताया. उनके साथ आक्रोशित अभिभावक भी सड़क पर उतर आये. बच्चों ने जब ट्रैक्टर चालकों को रोका, तो एक ट्रैक्टर चालक बालू गिराकर मौके से फरार हो गया. इससे ग्रामीणों का गुस्सा और भड़क उठा. स्थानीय लोगों ने बताया कि मयुराक्षी नदी से ट्रैक्टरों द्वारा दिन-रात अवैध रूप से बालू उठाव जारी है, जबकि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल एनजीटी की स्पष्ट रोक के बावजूद भी इस पर कोई असर नहीं दिख रहा. ग्रामीणों का कहना है कि इन ट्रैक्टरों की निरंतर आवाजाही से कच्ची सड़क दलदल में तब्दील हो गयी है, जिससे स्कूल वाहन बीच रास्ते में ही रुक जाते हैं और बच्चों को कीचड़ में फिसलते हुए पैदल स्कूल जाना पड़ता है. अब तक कई बच्चे गिरकर चोटिल हो चुके हैं, और भय के कारण अब स्कूल जाने से भी हिचकने लगे हैं. सूचना पर पहुंचे अभियंता, पक्कीकरण का दिया भरोसा घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण विकास विभाग के कनीय अभियंता सौगत मांझी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया. उन्होंने आश्वासन दिया कि सड़क का शीघ्र पक्कीकरण कराया जाएगा. मगर ग्रामीणों का कहना है कि यदि शीघ्र कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे. इस घटनाक्रम ने यह सवाल एक बार फिर खड़ा कर दिया है कि जब एनजीटी जैसी संस्थाओं के आदेशों की खुलेआम अवहेलना हो रही हो, तो आम नागरिक किससे उम्मीद करें.

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Published by: Anand jaswal

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