प्रतिनिधि, बासुकिनाथ वर्षों से चली आ रही परंपरा के अनुसार बाबा फौजदारीनाथ मंदिर गर्भगृह में महाशिवरात्रि के दिन वुधवार से बाबा का विशेष पलंग लगाया गया. यह पलंग महाशिवरात्रि से लेकर आगामी फाल्गुन पूर्णिमा तक लगा रहेगा. मान्यता है कि महाशिवरात्रि के दूसरे दिन से बाबा एवं मैया पार्वती अपने प्रतीकात्मक स्वरूप में एक पखवारा तक कोहबर में ही रहेंगे. यहां 15 दिनों तक दोनों के साथ रहने के बाद फाल्गुन पूर्णिमा के मौके पर मंदिर के पुजारी के द्वारा परंपरा अनुरूप प्रतीकात्मक त्रिशूल को कोहबर से निकालकर पुनः गर्भगृह के अंदर ले जाया जााता है. वहीं बाबा मंदिर के गर्भगृह में अधिवास पूजन से बिछाया गया पलंग भी हटा दिया जाता है. बाबा एवं पार्वती मंदिर के गुंबद पर शिवरात्रि के अवसर पर भक्तों के द्वारा चढ़ाए गए गठबंधन व ध्वजा को उतारकर नए ध्वजा एवं गठबंधन को चढ़ाया जाता है.
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