बच्चों को दिलायें सत्य के मार्ग पर चलने की शिक्षा : गोपाल कृष्ण

कथा व्यास गोपाल कृष्ण ने कहा कि युद्ध में गुरु द्रोण के मारे जाने से क्रोधित होकर उनके पुत्र अश्वत्थामा ने क्रोधित होकर पांडवों को मारने के लिए ब्रह्मास्त्र चलाया.

प्रतिनिधि,दुमका नगर दुमका के श्री श्री गौशाला गोकुलधाम परिसर में मोदी परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन सोमवार को श्री शुकदेव आगमन, परिक्षित जन्म, ध्रव चरित्र पर कथा सुनायी. जिसे सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो उठे. कथा व्यास गोपाल कृष्ण ने कहा कि युद्ध में गुरु द्रोण के मारे जाने से क्रोधित होकर उनके पुत्र अश्वत्थामा ने क्रोधित होकर पांडवों को मारने के लिए ब्रह्मास्त्र चलाया. ब्रह्मास्त्र लगने से अभिमन्यु की गर्भवती पत्नी उत्तरा के गर्भ से परीक्षित का जन्म हुआ. सुख वैभव से समृद्ध राज्य था. लेकिन आगे चलकर समीक मुनि के पुत्र के श्राप से व्यथित होकर राजा परीक्षित ने विद्वानों को अपने दरबार में बुलाया और उनसे राय मांगी, उस समय विद्वानों ने उन्हें शुकदेव का नाम सुझाया और इस प्रकार शुकदेव का आगमन हुआ. शुकदेव महाराज ने उन्हें भगवान की भक्ति करने की सलाह दी, जिससे उनका सारा जीवन भगवान की भक्ति में बीतने लगा. कथा व्यास गोपाल कृष्ण ने भागवत महात्म्य पर विस्तृत चर्चा की. इसके अलावा कथा व्यास ने ध्रुव चरित्र की कथा सुनायी. इस कथा में उन्होंने यह बताया कि ध्रुव महाराज बचपन से ही भगवान की भक्ति करने लगे थे. जिसके कारण उन्हें भगवान का सानिध्य प्राप्त हुआ. उन्होंने श्रोताओं को बताया कि अपने परिवार के बच्चों को बचपन से ही सत्य और भगवान की भक्ति की राह पर चलने की शिक्षा देनी चाहिए. उन्हें संस्कारी भी बनाना चाहिए. कथा के दौरान बीच-बीच में भजन गान के साथ झांकियां भी निकाली गयी. इसे सुन श्रद्धालु झुमते रहे. भागवत कथा सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए. 4 नवंबर को कथा में नरसिंह अवतार, प्रह्लाद चरित्र, जड़भरत चरित्र का वर्णन किया जायेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By NITIN KUMAR

NITIN KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >