फर्जी वाउचर से प्रधानाध्यापिका के निजी बैंक खाते में ली गयी राशि, नकद भी निकले

आसनबनी मवि के निरीक्षण में बीडीओ ने पकड़ी वित्तीय अनियमितता

आसनबनी मवि के निरीक्षण में बीडीओ ने पकड़ी वित्तीय अनियमितता प्रतिनिधि, रानीश्वर. बीडीओ राजेश कुमार सिन्हा ने बुधवार को मिडिल स्कूल आसनबनी का निरीक्षण किया. विद्यालय विकास मद, इको क्लब मद सहित अन्य मदों में विद्यालय को प्राप्त राशि से किए गए व्यय से संबंधित रोकड़ पंजी, स्टॉक पंजी, वाउचर आदि का निरीक्षण किया गया. निरीक्षण के क्रम में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता का मामला उजागर हुआ है. फर्जी वाउचर के आधार पर राशि की निकासी प्रधानाध्यापिका मधुवाला द्वारा करने का मामला सामने आया है. मां तारा जनरल स्टोर, आसनबनी के नाम पर कुल 31,840 रुपये का अभिश्रव तैयार कर 9,975 रुपये की राशि की निकासी प्रधानाध्यापिका द्वारा अपने निजी बैंक खाते में की गयी है तथा शेष राशि की निकासी नकद रूप में की गयी है. इसी प्रकार एमएस कंप्यूटर एजुकेशन के नाम पर कुल 35,170 रुपये का अभिश्रव तैयार कर एमएस कंप्यूटर एजुकेशन के बैंक खाते में 17,150 रुपये का भुगतान किया गया है, तथा शेष राशि प्रधानाध्यापिका द्वारा अपने निजी बैंक खाते में जमा कर ली गयी है. मां तारा जनरल स्टोर के संबंध में प्रधानाध्यापिका से पूछताछ करने पर उन्होंने बताया कि यह दुकान आसनबनी बाजार में है और दुकान मालिक का नाम प्रवीण मांझी है. बीडीओ द्वारा उक्त दुकानदार से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि निर्गत अभिश्रव उनका नहीं है और न ही उनके द्वारा किसी प्रकार का सामान विद्यालय को उपलब्ध कराया गया है. निरीक्षण के क्रम में यह भी पाया गया कि अभिश्रव के अनुसार क्रय की गयी सामग्रियों का स्टॉक पंजी में उल्लेख नहीं है. विद्यालय विकास मद सहित अन्य मदों से प्राप्त राशि से विद्यालय के लिए क्या-क्या सामग्री खरीदी जानी है, किस माध्यम से और किस दर पर क्रय किया जाना है, इसका उल्लेख विद्यालय प्रबंधन समिति की बैठक में नहीं किया गया है. इसके अतिरिक्त, विद्यालय प्रबंधन समिति से संबंधित प्रशिक्षण की संचिका भी उपलब्ध नहीं कराई गयी, जबकि प्रशिक्षण के नाम पर 2,408 रुपये की निकासी की गयी है. भुगतान विवरणी से यह भी स्पष्ट हुआ कि विद्यालय की प्रधानाध्यापिका मधुवाला द्वारा 27,383 रुपये अपने निजी बैंक खाते में भुगतान कराया गया है. इसके अतिरिक्त लगभग 27,000 रुपये से अधिक की नकद निकासी की गयी है. इस प्रकार, वित्तीय वर्ष 2024-25 में लगभग 55,000 रुपये से अधिक राशि की वित्तीय अनियमितता प्रधानाध्यापिका द्वारा की गयी है, जिसका स्पष्टीकरण किया गया है. स्पष्टीकरण का उत्तर प्राप्त होने के उपरांत आगे की कार्रवाई हेतु जिले के वरीय पदाधिकारी को अनुशंसा की जाएगी.

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Published by: Anand jaswal

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