संवाददाता, दुमका: किताबों के साथ अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) भी विद्यार्थियों की पढ़ाई का साथी बनेगा. डिस्ट्रिक्ट सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस, दुमका में नवस्थापित एआई लैब शुरू होने के साथ विद्यार्थियों को तकनीक आधारित पढ़ाई का नया मंच मिला है. शुक्रवार को उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने एआई लैब का उद्घाटन किया.
इस दौरान विद्यार्थियों ने एआई की मदद से पढ़ाई करने का लाइव डेमो दिया. उन्होंने बताया कि तकनीक के इस्तेमाल से कठिन विषयों को आसान तरीके से समझने के साथ अध्ययन सामग्री तैयार करना भी संभव है.
NotebookLM से वीडियो और प्रेजेंटेशन तैयार कर रहे छात्र
एआई लैब में विद्यार्थियों ने Google NotebookLM का इस्तेमाल कर अलग-अलग विषयों पर वीडियो और स्लाइड प्रेजेंटेशन तैयार कर उपायुक्त के सामने प्रस्तुत किया.
विद्यार्थियों ने बताया कि NotebookLM में पीडीएफ समेत अन्य अध्ययन सामग्री अपलोड कर उससे जुड़े सवाल पूछे जा सकते हैं. इससे किसी पाठ को दोबारा समझने, महत्वपूर्ण बिंदुओं को निकालने और पढ़ाई की सामग्री तैयार करने में मदद मिलती है.
एआई की मदद से कठिन विषयों को वीडियो और दृश्य सामग्री के जरिये भी समझने का प्रयास किया जा रहा है.
डिजिटल लर्निंग की ओर बढ़ा स्कूल
एआई लैब शुरू होने से विद्यार्थियों को पारंपरिक पढ़ाई के साथ डिजिटल लर्निंग का अनुभव मिलेगा. विद्यार्थी अध्ययन सामग्री को व्यवस्थित करने, विषय का सार समझने, प्रश्न तैयार करने और प्रेजेंटेशन बनाने जैसे कामों में एआई का इस्तेमाल सीखेंगे.
इससे विद्यार्थियों में स्व-अध्ययन की क्षमता विकसित करने और तकनीक के रचनात्मक इस्तेमाल को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
एआई शिक्षक का विकल्प नहीं, पढ़ाई का सहयोगी
उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने कहा कि एआई भविष्य की महत्वपूर्ण तकनीक है. बच्चों के लिए एआई की जानकारी जरूरी है, लेकिन इसके साथ इसका सही, जिम्मेदार और रचनात्मक इस्तेमाल सीखना भी महत्वपूर्ण है.
उन्होंने कहा कि एआई को शिक्षक के विकल्प के रूप में नहीं, बल्कि पढ़ाई को सरल और प्रभावी बनाने वाले सहयोगी के रूप में इस्तेमाल किया जाना चाहिए.
शिक्षकों को भी मिलेगा एआई आधारित प्रशिक्षण
उपायुक्त ने जिला शिक्षा पदाधिकारी और विद्यालय के प्रधानाध्यापक को शिक्षकों को एआई आधारित शिक्षण तकनीक का प्रशिक्षण देने का निर्देश दिया.
उन्होंने शिक्षक द्वारा एआई की मदद से पढ़ाने की प्रक्रिया का डेमो भी देखा. उन्होंने कहा कि शिक्षक एआई के जरिये कठिन विषयों को विद्यार्थियों के सामने सरल, रोचक और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत कर सकें.
साथ ही विद्यार्थियों को एआई टूल्स के सुरक्षित और जिम्मेदार इस्तेमाल की जानकारी देने का भी निर्देश दिया.
IIT, NEET से लेकर UPSC तक लक्ष्य
उपायुक्त ने कहा कि दुमका के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है. उन्होंने उम्मीद जतायी कि तकनीक आधारित शिक्षा से विद्यार्थी IIT, NEET समेत अन्य प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन करेंगे.
उन्होंने यूपीएससी जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में भी दुमका के विद्यार्थियों की सफलता का लक्ष्य रखा. उपायुक्त ने बच्चों से उपलब्ध तकनीक और संसाधनों का सही दिशा में इस्तेमाल करते हुए लगातार मेहनत करने की अपील की.
अंग्रेजी में संवाद और तकनीकी समझ देख उपायुक्त ने सराहा
एआई लैब के निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों ने उपायुक्त से अंग्रेजी में भी सहजता के साथ संवाद किया. बच्चों की विषय समझ, अंग्रेजी भाषा में संवाद और तकनीक के इस्तेमाल को लेकर आत्मविश्वास देखकर उपायुक्त ने उनकी सराहना की.
उन्होंने विद्यार्थियों को इसी उत्साह के साथ आगे बढ़ने और अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए लगातार मेहनत करने के लिए प्रेरित किया.
नीति आयोग की पुरस्कार राशि से तैयार हुई एआई लैब
दुमका जिला प्रशासन को नीति आयोग, भारत सरकार के यूज केस चैलेंज में उत्कृष्ट नवाचार के लिए चयनित किया गया था.
9 अक्टूबर 2025 को एलबीएसएनएए, मसूरी में आयोजित कार्यक्रम में उपायुक्त अभिजीत सिन्हा को यूज केस चैलेंज अवार्ड प्रदान किया गया था. इसी पुरस्कार राशि का इस्तेमाल डिस्ट्रिक्ट सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में एआई लैब के लिए आवश्यक गैजेट्स और तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराने में किया गया है.
