हरिपुर के कंजिया जामा गांव में कार्यकर्ता संग बैठक कर मजदूरों के हित व हक को लेकर किया गया विचार विमर्श
बासुकिनाथ : भारतीय मजदूर संघ के कार्यकर्ताओं की बैठक रविवार को हरिपुर के कंजिया जामा गांव में पीयूष रंजन की अध्यक्षता में हुई. बैठक को संबोधित करते हुए जिला मंत्री शिवशंकर गुप्ता ने कार्यकर्ताओं को किसानों एवं मजदूरों के हक एवं अधिकार के लिए निष्ठापूर्वक कार्य करने का निर्देश दिया. किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध नहीं है.
खाद्य सुरक्षा के तहत मिलने वाले अनाज जरूरतमंदों को नहीं मिल रहा है. सैकड़ों मजदूर किसान के पास राशन कार्ड नहीं है. कहा मजदूरों का शोषण बरदाश्त नहीं किया जायेगा. उसे उसका हक दिलाना पहली प्राथमिकता है. मजदूरों में चेतना एवं जागृति लाने के लिए मजदूरों का निबंधन कराने की बात कही. उन्होंने बाल मजदूरी पर रोक लगे इस पर गांवों में जागरूकता फैलाने की बात कही. मजदूर, किसान एवं गरीबों को सरकार द्वारा मिलने वाले विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी दिया.
झारखंड असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा योजना के अंतर्गत मिलने वाले लाभ के बारे में जानकारी दी गयी. उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत छोटे-छोटे काम करने वाले मजदूर, खेतीहर, मजदूर ढ़ाई एकड़ जमीन से कम है जो रिक्शा ठेला आदि चलाते हैं छोटे – बड़े सभी असंगठित मजदूर जिनका निबंधन श्रम विभाग द्वारा किया जायेगा. श्री गुप्ता ने मजदूरों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाने एवं इसके निदान के दिशा में सतत प्रयास एवं आंदोलन करने की बात कही.
योजनाओं का लाभ गरीबों को नहीं मिलती
भामस के जिला मंत्री शिवशंकर गुप्ता ने कहा कि सरकार द्वारा गरीबी उन्मूलन के लिए सरकार की कई कल्याणकारी योजनाएं चल रही है. परंतु इसका समुचित लाभ गरीबों को नहीं मिल पा रहा है. असंगठित मजदूर अपना पंजीयन श्रम विभाग में अविलंब करा लें ताकि मजदूरों को सरकार द्वारा प्रदत्त विभिन्न प्रकार के लाभ प्राप्त हो सके.
ग्रामीण क्षेत्रों में एेसे लोगों की कोई कमी नहीं है. जिसका न तो बीपीएल कार्ड बना है, न ही वृद्धा पेंशन मिलती है और न ही उसके पास रहने का योग्य आवास है. ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य बिजली जैसी मूलभूत व्यवस्थाएं चरमरा गयी है. मौके पर सनात दर्वे, अर्जुन दर्वे, चुनचुन महतो, रंजीत यादव, विश्वनाथ मंडल, उपेंद्र मंडल, बलराम दर्वे, तिलक महतो, बाबूधन महतो आदि काफी संख्या में कार्यकर्ता मजदूर उपस्थित थे.
