मत्स्य उत्पादन को मिलेगा बढ़ावा

केज कल्चर से सुदृढ़ होगी आर्थिक स्थिति दुमका : जिले में मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकारी स्तर पर विशेष प्रयास किये जा रहे हैं. केज कल्चर इनमें से एक है. पिछले साल मसानजोर जलाशय में कुमड़ाबाद के पास 12 बैटरी के केज कल्चर प्रोजेक्ट स्थापित किये गये थे. अब इसी जलाशय में […]

केज कल्चर से सुदृढ़ होगी आर्थिक स्थिति

दुमका : जिले में मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकारी स्तर पर विशेष प्रयास किये जा रहे हैं. केज कल्चर इनमें से एक है. पिछले साल मसानजोर जलाशय में कुमड़ाबाद के पास 12 बैटरी के केज कल्चर प्रोजेक्ट स्थापित किये गये थे.

अब इसी जलाशय में गंध्रकपुर के पास 10 बैटरी और गोराडंगाल में दो बैटरी के प्रोजेक्ट स्थापित होंगे. इससे साल भर में कम से कम 400 टन मछली का उत्पादन होगा. एक बैटरी के प्रोजेक्ट की लागत लगभग तीन लाख रुपये है. जिसे सरकार नब्बे फीसदी अनुदान पर लगवा रही है. इसके अलावा दोनों स्थानों पर केज हाउस का भी निर्माण कराया जायेगा.

विभाग को 715 तालाब

दुमका जिले में मत्स्य विभाग के पास अपने नियंत्रण में 715 तालाब हैं. अधिकांश तालाब रानीश्वर, सरैयाहाट, जरमुंडी, रानीश्वर एवं शिकारीपाड़ा में है. इनमें से 659 तालाबों की ही बंदोबस्ती हुई है. दुमका नगर में बड़ाबांध, खुटाबांध, हरणाकुंडी, हिजला रोड, दुधानी जैसे तालाब हैं, जिनमें मत्स्य उत्पादन होता है.

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