आज बाबा बनेंगे दूल्हा

बासुकिनाथ मंदिर सज कर तैयार, भगवान शिव को लगाया गया उबटन बासुकिनाथ : महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर बाबा फौजदारीनाथ का मंदिर सज धज कर तैयार है. पूरे मंदिर को फू लों से दुल्हन क ी तरह सजाया गया है. मंदिर प्रभारी सह प्रखंड विकास पदाधिकारी संजय कुमार दास ने बताया कि आज गुरुवार को […]

बासुकिनाथ मंदिर सज कर तैयार, भगवान शिव को लगाया गया उबटन

बासुकिनाथ : महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर बाबा फौजदारीनाथ का मंदिर सज धज कर तैयार है. पूरे मंदिर को फू लों से दुल्हन क ी तरह सजाया गया है. मंदिर प्रभारी सह प्रखंड विकास पदाधिकारी संजय कुमार दास ने बताया कि आज गुरुवार को पूरे विधि विधान के साथ भगवान शिव व माता पार्वती की शादी होगी.

भगवान शिव को लगाया गया उबटन

बाबा फौजदारीनाथ व मैया पार्वती को विधिकरी शौखी कुंवर द्वारा बुधवार को उबटन लगाया गया. मंदिर में ढोल ढाक के बीच शौखी कुंवर व उसकी पत्नी द्वारामंदिर प्रांगण में बाबा का लावा कांसा भुंजने का रश्म पूरा किया गया. पिसे हुए लावे कांसे को सुगंधित तेल, सरसों तेल व हल्दी में मिला कर बनाया गये उबटन बाबा को लगाया गया. मंदिर प्रभारी संजय कुमार दास उसकी पत्नी, विधिकारी शौखी कुंवर व उसकी पत्नी रूक्मणी देवी द्वारा विवाह रश्म अदा किया गया. अवसर पर मंदिर प्रांगण में महिलाओं द्वारा विवाह मंगल गीत गाये तथा माता के प्रसाद स्वरूप महिलाएं एक दूसरे को सिंदूर पहनायी. माता पार्वती को विधि विधान के साथ सोना, चांदी, काजल, अलता, दूर्वा आदि चढ़ाया गया.

पंचशूल की हुई साफ-सफाई

गुंबद से उतारे गये पंचशूल, कलश व त्रिशूल को साफ-सुथरा कर महाशिवरात्रि के दिन विधिकरी शौखी कुंवर व उसके परिवार के सदस्यों द्वारा चढ़ाया जायेगा. बाबा के गुंबद से उतारे गये कलश व त्रिशूल को मंदिर कर्मी द्वारा अबीर, नींबू व गुढ़ मिला कर सफाई की गयी.

सदावरत का वितरण किया

मंदिर प्रबंधन व श्रद्धालुओं द्वारा मंदिर प्रांगण में बुधवार की देर संध्या धरणार्थियों व गरीब जरूरत मंदों के बीच मंदिर प्रभारी संजय कुमार दास के द्वारा सदाबरत का वितरण किया गया. सदाबरत में चावल, दाल, आलू आदि का वितरण किया गया. मंदिर प्रांगण में सदाबरत लेने वालों की काफी भीड़ लगी रही.

महाशिवरात्रि व्रत अनंत फलदायी

महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर भगवान शिव की पूजा से अनंत सुख-समृद्धि एवं पुण्य की प्राप्ति होती है. यह व्रत अनंत फलदायी मानी जाती है. शिवार्चन व जागरण ही व्रत की विशेषता है. इस व्रत में रात्रि के चारों प्रहरों भगवान शिव का अभिषेक व भक्तिपूर्वक पूजन करने से भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं. मान्यता है कि जो भक्त इस दिन उपवास रखकर विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करते हैं वह भगवान शिव को प्रसन्न कर लेता है. महाशिवरात्रि में जागरण के साथ ही रात्रि के चारों प्रहरों में भगवान शिव का पंचामृत से स्नान कर चंदन, पुष्प, अक्षत, बिल्वपत्र, धतूरा, भांग, धूप, दीप और नवैद्य आदि से पूजा करने से पुण्य की प्राप्ति होती है. पंचोपचार, षोडशोपचार से पूजन कर शिव पंचाक्षर ‘नम: शिवाय’, रूद्रीपाठ व रूद्राष्टाध्यायी के पाठ से भगवान शिव का जलाभिषेक करना अनंत फलदायी मानी जाती है.

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